बिहार विधानसभा चुनाव: रिकॉर्ड तोड़ मतदान, दूसरे चरण में 68.67% वोटिंग
पटना, 12 नवंबर (TWM News)।
बिहार ने मंगलवार को मतदान का नया इतिहास रच दिया। विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में राज्यभर में 68.67 प्रतिशत की रिकॉर्डतोड़ वोटिंग दर्ज की गई, जो अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है। इस चरण में 122 सीटों पर मतदाताओं ने जमकर उत्साह दिखाया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, अंतिम आंकड़े और बढ़ सकते हैं क्योंकि देर शाम तक कई बूथों पर लंबी कतारें लगी रहीं। पहले चरण में 6 नवंबर को हुए मतदान में 65.09 प्रतिशत वोटिंग हुई थी, लेकिन दूसरे चरण ने इस आंकड़े को पीछे छोड़ दिया।
सीमांचल में भारी वोटिंग
सीमांचल क्षेत्र ने इस बार चुनावी माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया। किशनगंज जिले ने सर्वाधिक 76.26 प्रतिशत मतदान के साथ नया रिकॉर्ड बनाया, जबकि कटिहार में 75.23 प्रतिशत और पूर्णिया में 73.79 प्रतिशत वोटिंग दर्ज हुई। सुपौल (70.69%) और अररिया (67.79%) जैसे जिलों में भी मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
कहा जा रहा है कि सीमांचल की अधिक वोटिंग से मुकाबला त्रिकोणीय और कड़ा हो गया है, जहां एनडीए और इंडिया गठबंधन के साथ जन सुराज पार्टी भी मैदान में है।
दक्षिण बिहार में भी जोश
दक्षिण बिहार के जिलों में भी मतदाताओं ने उत्साह दिखाया। जमुई में 67.81%, गया में 67.50% और कैमूर में 67.22% मतदान हुआ। हालांकि नवादा जिले ने अपेक्षाकृत कम 57.31 प्रतिशत वोटिंग के साथ सबसे पीछे का स्थान हासिल किया।
नीतीश के शासन पर जनमत
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस बार चुनाव मैदान में नहीं हैं, लेकिन एनडीए ने पूरा अभियान उनके ‘सुशासन’ मॉडल के इर्द-गिर्द ही केंद्रित रखा है। वहीं विपक्षी इंडिया गठबंधन ने बेरोजगारी, महंगाई और 20 साल के शासन से उपजी थकान को मुद्दा बनाया है।
कांग्रेस के लिए यह चरण निर्णायक माना जा रहा है क्योंकि 2020 में जीती गई उसकी 19 में से 12 सीटें इसी चरण में वोटिंग के अधीन थीं।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह मतदान से पहले राज्यवासियों से अधिक से अधिक मतदान करने की अपील करते हुए कहा, “बिहार के युवाओं से आग्रह है कि लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।”
वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मतदान न केवल हमारा अधिकार है, बल्कि यह हमारी जिम्मेदारी भी है।”
1,302 उम्मीदवारों की किस्मत EVM में बंद
दूसरे चरण में कुल 1,302 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई है, जिनमें नीतीश सरकार के कई मंत्री भी शामिल हैं। सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग शाम 5 बजे तक चली।
एनडीए ने दावा किया कि जनता ‘डबल इंजन सरकार’ के विकास कार्यों पर मुहर लगा रही है, जबकि विपक्ष ने कहा कि यह जनादेश बदलाव का संकेत है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी ऊंची वोटिंग बिहार की जनता में बदलाव की इच्छा और लोकतंत्र के प्रति जागरूकता दोनों को दर्शाती है। अब सबकी निगाहें 2025 के परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि राज्य की सियासत किस करवट बैठेगी।
(TWM News ब्यूरो)