दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल: 2025 में पहली बार हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में, सरकार ने लागू किया GRAP-III
नई दिल्ली, 11 नवंबर। राजधानी दिल्ली में प्रदूषण ने इस साल पहली बार ‘गंभीर’ स्तर को पार कर लिया है। मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 428 तक पहुंच गया, जिससे शहर का दम घुटने लगा। लगातार स्थिर मौसम, धूल, धुएं और स्थानीय उत्सर्जन के कारण प्रदूषण के स्तर में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, कक्षा पाँच तक के विद्यालयों को हाइब्रिड मोड में संचालित करने का आदेश जारी किया गया है, ताकि छोटे बच्चों को प्रदूषण के प्रभाव से बचाया जा सके।
राज्य सरकार की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण स्थलों पर सख्त कार्रवाई करने, सड़कों की धूल कम करने के लिए जल छिड़काव बढ़ाने, खुले क्षेत्रों को पक्का करने और कचरे व बायोमास जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण को मिशन मोड में गंभीरता और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ा रही है।”
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 401 से 500 के बीच का AQI ‘गंभीर’ माना जाता है, जो सामान्य व्यक्तियों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डाल सकता है। दिल्ली में इससे पहले दिसंबर 2024 में हवा इतनी खराब दर्ज की गई थी।
निर्णय समर्थन प्रणाली (DSS) के आँकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली के कुल प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान 6.5 प्रतिशत रहा, जबकि वाहनों से उत्सर्जन का हिस्सा सबसे अधिक 18.2 प्रतिशत दर्ज किया गया। बुधवार को यह क्रमशः 5.3 और 18.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
उधर, उपग्रह आधारित आंकड़ों में पंजाब में 133, हरियाणा में 30, उत्तर प्रदेश में 154 और दिल्ली में एक पराली जलाने की घटना दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दो दिनों तक हवा ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी रह सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 4.1 डिग्री कम है, जबकि अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री रहा। बुधवार की सुबह हल्की धुंध और तापमान में मामूली गिरावट की संभावना जताई गई है।
राजधानी में प्रदूषण का यह बढ़ता स्तर एक बार फिर सवाल खड़ा करता है—क्या दिल्ली में सांस लेना अब भी सुरक्षित है?
(TWM News)