बिहार विधानसभा में गरमाया सियासी पारा: तेजस्वी को ‘बच्चा’ कह भिड़े नीतीश, ‘बाप’ की टिप्पणी पर मचा बवाल
विधानसभा अध्यक्ष ने दी कड़ी फटकार, हंगामे के बाद कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित

पटना।
बिहार विधानसभा का मानसून सत्र बुधवार को उस वक्त तनावपूर्ण हो गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच तीखी बहस छिड़ गई। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर शुरू हुई चर्चा धीरे-धीरे व्यक्तिगत टिप्पणियों तक पहुंच गई और सदन का माहौल गरमा गया।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार मतदाता सूची को लेकर लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग का काम नागरिकता सिद्ध कराना नहीं, बल्कि निष्पक्ष चुनाव कराना है।” तेजस्वी के बयान पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, “तुम तो बहुत छोटे थे, बच्चा ना हो। अपने मां-बाप की सरकार को देखो, हमने महिलाओं, अल्पसंख्यकों के लिए क्या-क्या किया है, तुम्हारे माता-पिता के समय में पटना में महिलाएं शाम को निकलने से डरती थीं।”

नीतीश कुमार ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का हवाला देते हुए कहा कि आज बिहार का बजट तीन लाख करोड़ के पार पहुंच गया है और वे आगामी चुनाव में अपने कार्यों के आधार पर जनता के सामने जाएंगे।

‘बाप’ की टिप्पणी पर बिगड़ा माहौल
मुख्यमंत्री के वक्तव्य के बाद जब तेजस्वी दोबारा बोलने उठे, उसी दौरान राजद विधायक भाई वीरेंद्र की ओर से टिप्पणी आई कि “यह सदन किसी के बाप का नहीं है।” इस पर विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव भड़क गए और उन्होंने भाई वीरेंद्र को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा, “इस प्रकार की अशोभनीय भाषा इस पवित्र सदन में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

विवाद बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया।

 

— रिपोर्ट: TWM न्यूज

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