बिहार विधानसभा मानसून सत्र का आगाज़ हंगामेदार, सम्राट चौधरी ने पेश की 57,946 करोड़ की अनुपूरक बजट राशि
शोक प्रस्ताव के बाद मंगलवार तक स्थगित हुई कार्यवाही, विपक्ष ने सरकार को घेरने के दिए संकेत
पटना, 21 जुलाई | संवाददाता
बिहार विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया, लेकिन जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा कर दिया। शोरगुल और नारों के बीच वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 57,946.25 करोड़ रुपये की प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी सदन में पेश की। इस सत्र को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले का अंतिम अहम सत्र माना जा रहा है, जिससे इसकी राजनीतिक अहमियत और बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में पेश की गई इस बजट राशि के दौरान विपक्ष ने सरकार पर अपराध नियंत्रण में विफल रहने और विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण में अनियमितता के आरोप लगाए। वहीं, सरकार की ओर से पेश यह अनुपूरक बजट राज्य में विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों को गति देने के लिए बताया गया।
सदन में बजट पेश किए जाने के बाद हाल ही में दिवंगत विधायकों और प्रमुख व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि दी गई। दो मिनट के मौन के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी।
सूत्रों के अनुसार, इस पांच दिवसीय सत्र के दौरान सरकार कई महत्त्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी में है। लेकिन विपक्ष की रणनीति भी पूरी तरह से तैयार है। राजद, कांग्रेस और वामदलों ने सत्र के पहले दिन ही स्पष्ट कर दिया कि वे सरकार की विफलताओं को सदन के पटल पर लाकर जोरदार तरीके से घेरेंगे।
विशेषकर राज्य में बढ़ते अपराध, शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा, बाढ़ राहत कार्यों में देरी और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर विपक्ष हमलावर रुख अपना सकता है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सत्ता पक्ष विकास योजनाओं के जरिए लोगों का भरोसा जीतने में सफल होता है या विपक्ष की घेराबंदी प्रभाव छोड़ती है।
पृष्ठभूमि में क्यों अहम है यह सत्र?
राज्य में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में यह सत्र न केवल बजटीय प्रस्तावों को पास कराने का माध्यम होगा, बल्कि राजनीतिक समीकरणों की दिशा तय करने वाला भी साबित हो सकता है। सत्ता पक्ष जहां उपलब्धियों को सामने रखेगा, वहीं विपक्ष जन मुद्दों के जरिए सरकार पर सीधा वार करेगा।
संभावित विधेयक:
- कृषि संशोधन प्रस्ताव
- पंचायती राज सुधार विधेयक
- शिक्षा बजट में तकनीकी बदलाव
- राज्य सेवा अधिनियम में संशोधन
विपक्ष के प्रमुख मुद्दे:
- अपराध नियंत्रण पर सरकार की विफलता
- रोजगार के अवसरों में गिरावट
- पंचायत चुनावों में गड़बड़ी
- मतदाता सूची की पुनरीक्षण प्रक्रिया में अनियमितता
(अगली कार्यवाही)
सदन की अगली बैठक मंगलवार, 22 जुलाई को सुबह 11 बजे होगी।