तेज प्रताप की नई सियासी राह: सोशल मीडिया से लेकर पार्टी लाइन तक ‘स्वतंत्र अस्तित्व’ की तलाश में लालू के बड़े लाल
राजद से निष्कासन के बाद बढ़ी हलचल, नया पेज, नई पहचान – क्या होगी अगली चाल?

पटना, राजनीतिक संवाददाता।
बिहार की राजनीति में एक बार फिर ‘तेज’ हवाओं का संकेत मिल रहा है। इस बार ये हवा नारे या नाराजगी की नहीं, बल्कि रणनीतिक और प्रतीकात्मक विद्रोह की है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर अपने ‘नए अवतार’ के साथ सार्वजनिक रूप से खुद को अलग खड़ा कर दिया है। फेसबुक और एक्स (पूर्व ट्विटर) पर उन्होंने नया आधिकारिक पेज बनाकर अपने स्वतंत्र राजनीतिक वजूद की ओर इशारा कर दिया है।

तेज प्रताप यादव ने पेज पर खुद को “जिसका कायम है प्रताप, वह है आपका अपना तेज प्रताप” कहकर न सिर्फ अपने समर्थकों को भावनात्मक रूप से जोड़ा है, बल्कि इसे राजद नेतृत्व — विशेषकर अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव के लिए एक खुली चुनौती के तौर पर भी देखा जा रहा है। पेज पर उन्होंने पिता लालू यादव और मां राबड़ी देवी की तस्वीरों के साथ खुद को जोड़कर यह भी जताया कि परिवार की विरासत पर अब एकतरफा दावा संभव नहीं है।

राजद से बाहर, लेकिन लड़ाई अब भीतर तक
राजद ने हाल ही में तेज प्रताप को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। हालांकि, विधानसभा को अभी तक इसकी औपचारिक सूचना नहीं दी गई है, जिससे मानसून सत्र में तेज प्रताप अभी भी तेजस्वी यादव के बगल में बैठेंगे। इस स्थिति ने राजनीतिक पटल पर एक असहज लेकिन प्रतीकात्मक दृश्य की नींव रख दी है — सदन में साथ, लेकिन संघर्ष अब आर-पार का।

 

 

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