चंडीगढ़
पंजाब में ग्राम पंचायतों के चुनाव मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुए। प्रदेश के कुल 1.33 करोड़ पंजीकृत मतदाता ‘सरपंच’ और ‘पंच’ पदों के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मतदान सुबह 8 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक चलेगा, जिसके बाद संबंधित मतदान केंद्रों पर ही मतगणना की जाएगी।
इस चुनाव के लिए 19,110 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 1,187 को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। पंजाब की 13,225 ग्राम पंचायतों में से 9,398 पंचायतें सरपंच का चुनाव कर रही हैं, जबकि 3,798 सरपंच निर्विरोध चुने जा चुके हैं।
मतदान के शुरुआती घंटों में कई मतदान केंद्रों पर बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। इस बार पंचायत चुनाव बिना राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्नों के हो रहे हैं, क्योंकि हाल ही में पंजाब विधानसभा ने पंजाब पंचायत राज (संशोधन) विधेयक, 2024 पारित किया है, जिसके तहत चुनाव चिह्नों का प्रयोग नहीं किया जाएगा।
इस चुनाव में कुल 25,588 उम्मीदवार ‘सरपंच’ पद के लिए और 80,598 उम्मीदवार ‘पंच’ पद के लिए मैदान में हैं। चुनावी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए लगभग 96,000 कर्मियों को तैनात किया गया है।
सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के नागरिकों से अपील की कि वे स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से मतदान करें। वहीं, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने पंचायत चुनावों के खिलाफ दायर कई याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें वार्ड परिसीमन, चुनाव चिह्न, नामांकन तिथि और नामांकन पत्रों की अस्वीकृति से संबंधित मुद्दे उठाए गए थे।