चीन फिर देगा भारत को खाद, दुर्लभ खनिज और टनल मशीनें

सीमा विवाद पर आज NSA डोभाल और वांग यी के बीच होगी अहम बातचीत

नई दिल्ली। भारत और चीन के रिश्तों में जमी बर्फ पिघलती नज़र आ रही है। लंबे अंतराल के बाद बीजिंग ने संकेत दिया है कि वह भारत को फिर से कृषि और अवसंरचना के लिए ज़रूरी सामान जैसे उर्वरक, दुर्लभ खनिज (रेयर अर्थ) और टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) उपलब्ध कराएगा। यह भरोसा सोमवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान दिया।

सूत्रों के अनुसार, जयशंकर ने बीते महीने चीन यात्रा के दौरान यूरिया, एनपीके, डीएपी जैसे खादों, दुर्लभ खनिज और टनल मशीनों की आपूर्ति बहाल करने का मुद्दा उठाया था। इन वस्तुओं पर चीन ने लगभग एक साल से रोक लगा रखी थी, जबकि भारत की निर्भरता इन उत्पादों पर क़रीब 30 फ़ीसदी तक है।

हालांकि, इस वार्ता में सीमा विवाद और एलएसी पर तैनात सैनिकों का मुद्दा शामिल नहीं था। यह संवेदनशील विषय आज राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और वांग यी के बीच होने वाली विशेष प्रतिनिधि स्तर की बैठक में केंद्र बिंदु रहेगा। चर्चा का मुख्य फोकस पूर्वी लद्दाख समेत 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तैनात अतिरिक्त सैनिकों को वापस बैरक भेजने पर होगा।

जयशंकर ने वार्ता के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि भारत का रुख ताइवान पर अपरिवर्तित है। भारत अन्य देशों की तरह ही वहां केवल आर्थिक और सांस्कृतिक उद्देश्यों के लिए सीमित उपस्थिति बनाए हुए है।

 

 

 

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