गंगा के बढ़ते जलस्तर से मुंगेर में 20 हजार से अधिक लोग प्रभावित, डीएम ने लिया हालात का जायजा
शरणस्थलों पर पीड़ितों के लिए भोजन, दवा, बिजली और स्वच्छता की व्यवस्था के निर्देश

मुंगेर। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण मुंगेर जिले के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर ने गुरुवार को बाढ़ग्रस्त गांवों का दौरा कर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया।

डीएम ने हवेली खड़गपुर प्रखंड के कृष्णनगर गांव समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए पीड़ितों की समस्याएं सुनीं और तत्काल राहत सामग्री पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों के बीच पॉलीथिन शीट का वितरण भी किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है, प्रशासन पूरी तरह से लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि शरण स्थलों पर भोजन, शुद्ध पेयजल, दवा, बिजली, शौचालय और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

निरीक्षण के दौरान डीएम के साथ सदर अनुमंडल पदाधिकारी कुमार अभिषेक, खड़गपुर एसडीओ राजेश रंजन सहित कई अधिकारी मौजूद थे।

खेतों और सड़कों में कटाव, पुलों की स्थिति पर भी नजर
जिलाधिकारी ने बाढ़ के पानी से डूबे खेतों, टूटते सड़कों और पुल-पुलियों की स्थिति का भी जायजा लिया। कृषि विभाग को फौरन नुकसान का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया। पशुपालन विभाग को चारों ओर चारा पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा गया, वहीं स्वास्थ्य विभाग को विशेष मेडिकल टीम गठित कर गांव-गांव जाकर लोगों की जांच और इलाज सुनिश्चित करने का आदेश मिला।

बाढ़ राहत में कोई कोताही नहीं होगी बर्दाश्त
डीएम ने स्पष्ट किया कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं चलेगी। उन्होंने अधिकारियों को 24 घंटे सक्रिय रहने और हर बाढ़ पीड़ित तक राहत पहुंचाने की सख्त हिदायत दी है।

जिले में अब तक लगभग 20 हजार से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। प्रशासन द्वारा राहत कैंप और शरण स्थलों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है ताकि कोई भी व्यक्ति असहाय न रहे।

राहत के साथ पुनर्वास पर भी जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि जो लोग अस्थायी रूप से विस्थापित हुए हैं, उनके लिए सुरक्षित स्थानों पर रहने, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्था के साथ पुनर्वास की योजना पर भी काम किया जाए।

मुंगेर प्रशासन पूरी सक्रियता के साथ बाढ़ पीड़ितों के सहयोग और राहत में जुटा हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *