ISRO के PSLV-C62 मिशन में तकनीकी विफलता, 16 उपग्रह अंतरिक्ष में खो गए
📅 श्रीहरिकोटा, 12 जनवरी 2026
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO के PSLV-C62 मिशन को आज भारी तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा, जिससे मिशन अपना लक्ष्य पूरा करने में असफल रहा और सभी 16 उपग्रहों का कक्ष में पहुंचना संभव नहीं हो सका। यह PSLV रॉकेट के लिए लगातार दूसरी असफलता है, पिछले वर्ष मई 2025 में PSLV-C61 भी इसी प्रकार की तकनीकी अड़चन के कारण असफल रहा था।
🚀 मिशन का विवरण:
PSLV-C62 रॉकेट, जिसमें 16 उपग्रह शामिल थे — जिनमें एक विदेशी अर्थ ऑब्ज़र्वेशन उपग्रह भी था — आज सुबह Scheduled समय पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से उड़ान भरी। शुरुआती दो चरण (स्टेज) सामान्य रूप से सफल रहे और रॉकेट ने उड़ान की शुरुआत उम्मीद के अनुरूप की।
⚠️ तकनीकी समस्या और असफलता:
हालाँकि, जब रॉकेट का तीसरा चरण (PS3) सक्रिय हुआ, तो उसमें अनंतरा (anomaly) देखी गई और मशीन में असामान्य डिस्टर्बेंस और उड़ान पथ में विचलन हुआ। इस वजह से रॉकेट अपने निर्धारित कक्षा में प्रवेश नहीं कर पाया और मिशन विफल घोषित कर दिया गया। ISRO अध्यक्ष वी. नारायणन ने कहा कि अब विस्तृत डेटा विश्लेषण शुरू हो गया है ताकि असफलता के कारणों का पता लगाया जा सके।
📉 नुकसान और प्रभाव:
इस मिशन की विफलता में DRDO का रणनीतिक EOS-N1 (Anvesha) उपग्रह, साथ में अन्य 15 सह-यात्री उपग्रह शामिल हैं, जो अब कक्ष में नहीं पहुँच पाए हैं। यह भारत के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, विशेषकर जब देश की अंतरिक्ष गतिविधियाँ समयानुसार वृद्धि पर हैं और PSLV परिवार की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न उठ रहे हैं।
🔧 आगे का कदम:
ISRO अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि त्रुटि के मूल कारणों का पता लगाने हेतु विश्लेषण और जांच टीम काम कर रही है और भविष्य में सुधार हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।