19 जनवरी को चक्का जाम की घोषणा

जमालपुर

वर्षों से विकास की बाट जोह रहे जमालपुर रेल कारखाना के मुद्दों को लेकर संघर्ष मोर्चा ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक मारवाड़ी धर्मशाला में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता माले के वरिष्ठ नेता अशोक कुमार सिंह ने की। संचालन सपा जिला अध्यक्ष पप्पू यादव ने किया। बैठक में रेलवे प्रशासन की उदासीनता और भ्रष्टाचार पर जमकर निशाना साधा गया।

 

बैठक के दौरान संघर्ष मोर्चा ने अपनी प्रमुख मांगों में जमालपुर रेल कारखाना को पूर्व मध्य रेलवे में शामिल करने, कारखाने को निर्माण का दर्जा देने, डीजल शेड को इलेक्ट्रिक शेड में बदलने, सफियाबाद हॉल्ट की पुनर्स्थापना और स्टेशन से पूर्व और पश्चिम दिशा में निकास का प्रावधान शामिल किया।

कारखाने को किया जा रहा है कमजोर”
अध्यक्षता कर रहे अशोक कुमार सिंह ने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और क्षेत्रीयता के कारण कारखाने के विकास पर रोक लगाई जा रही है। उन्होंने कहा, “अब संघर्ष मोर्चा को मजबूर होकर चक्का जाम का निर्णय लेना पड़ा है। यह लड़ाई अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।”

भ्रष्टाचार पर उठाए गंभीर सवाल
एनसीपी (शरद) के जिला अध्यक्ष मोहम्मद जाबिर हुसैन और जन स्वराज के नेता दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि रेलवे अधिकारी जमालपुर को उगाही का केंद्र बना चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने स्थिति में सुधार नहीं किया, तो संघर्ष मोर्चा इसे सहन नहीं करेगा।

बसपा जिला प्रभारी कृष्णानंद राउत और जेपी सेनानी दीपक सिन्हा ने कहा, “हम लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन हमारी समस्याओं को अनदेखा कर रहा है।”

19 जनवरी को चक्का जाम होगा”
बैठक का संचालन करते हुए सपा जिला अध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा, “भ्रष्ट अधिकारियों का सिंडिकेट कारखाने के विकास में बाधा डाल रहा है। यदि हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 19 जनवरी को रेल चक्का जाम के लिए हम ट्रैक पर उतरेंगे।”

बैठक में सर्वसम्मति से 11 जनवरी को धरना और 19 जनवरी को चक्का जाम का निर्णय लिया गया। बैठक में रविकांत झा, नकुल यादव, अमरशक्ति, मिथलेश यादव, दिनेश साहू, मो. फुटूश, चंदन राउत सहित कई अन्य नेता और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *