जयचंदों की साज़िश या भीतरघात? तेजप्रताप का आरजेडी नेतृत्व पर सीधा वार
पटना | संवाददाता
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता तेजप्रताप यादव एक बार फिर सियासी सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता और दोहरे मापदंडों का मुद्दा उठाते हुए सार्वजनिक तौर पर तीखा हमला बोला है। तेजप्रताप ने सोशल मीडिया मंच X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर विधायक भाई वीरेंद्र के एक कथित आपत्तिजनक बयान पर पार्टी से कार्रवाई की मांग की है और साथ ही अपने निष्कासन को “जयचंदों की साज़िश” बताया है।
तेजप्रताप ने लिखा—
“क्या RJD अब अपने विधायक भाई वीरेंद्र पर भी वही सख्ती दिखाएगी? जिन्होंने SC-ST समाज को लेकर अमर्यादित बयान दिए, धमकी दी। मुझे तो षड्यंत्र के तहत बाहर कर दिया गया… अब देखना है कि संविधान की रक्षा करने की बात पार्टी मंचों पर करेगी या व्यवहार में दिखाएगी?”
यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब पार्टी के भीतर जातीय समरसता, आंतरिक अनुशासन और नेतृत्व की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। तेजप्रताप ने सीधे तौर पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व—लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की कार्यशैली पर उंगली उठाते हुए संकेत दिए कि संगठन में उनके साथ दोहरा रवैया अपनाया गया है।