जेपी गंगा पथ को 4119 करोड़, ग्राम कचहरी मानदेय में इजाफा, मेडिकल स्टूडेंट्स को बढ़ा स्टाइपेंड
पटना, संवाददाता।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में बिहार विकास को नई दिशा देने वाले 49 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में जहां अधोसंरचना से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र तक कई बड़े फैसले लिए गए, वहीं ग्राम कचहरी सचिवों और होमगार्ड जवानों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई।
सबसे बड़ा निर्णय पटना के जेपी गंगा पथ परियोजना को लेकर हुआ। इसके लिए 4,119 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही पटना प्रमंडल में खेल अधोसंरचना निर्माण हेतु 574 करोड़ 33 लाख रुपये भूमि अधिग्रहण पर खर्च किए जाएंगे।
ग्राम कचहरी सचिवों का मासिक मानदेय 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये कर दिया गया है। यह संशोधित दर 1 जुलाई से लागू होगी। वहीं बिहार गृह रक्षा वाहिनी के जवानों का कर्तव्य भत्ता 774 रुपये प्रति दिन से बढ़ाकर 1,121 रुपये कर दिया गया है।
शिक्षा क्षेत्र में अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण विभाग के अधीन नव स्वीकृत 40 आवासीय विद्यालयों में 10+2 स्तर के शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। कुल 1,800 नए पदों पर बहाली होगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी राहत भरे फैसले लिए गए। बिहार के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड 20,000 रुपये से बढ़ाकर 27,000 रुपये कर दिया गया है। यही दर पटना डेंटल कॉलेज के विद्यार्थियों पर भी लागू होगी। आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी इंटर्न्स को अब 27,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे, जबकि फिजियोथेरपी और ऑक्यूपेशनल थेरपी इंटर्न्स के लिए 20,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया है।
कैबिनेट के इन फैसलों को विकास, शिक्षा और रोजगार के साथ-साथ युवाओं और ग्रामीण स्तर पर काम करने वालों के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।