बिहार चुनाव : राष्ट्र बचाने का संकल्प, बोले हेमंत सोरेन

पटना, संवाददाता।
वोटर राइट्स यात्रा के अंतिम दिन रविवार को राजधानी पटना विपक्षी दलों की ताक़त का गवाह बना। गांधी मैदान से डाकबंगला चौराहे तक हजारों की भीड़ उमड़ी और माहौल विपक्षी एकता के नारों से गूंज उठा। इस दौरान राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अशोक गहलोत, तेजस्वी यादव, डी. राजा और मुकेश सहनी जैसे बड़े नेताओं की मौजूदगी रही, लेकिन सबसे तीखे तेवर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिखाए।

सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा सत्ता में बने रहने के लिए हर तरह की “ग़ैरक़ानूनी और छलपूर्ण रणनीति” का इस्तेमाल करती है। उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव को धांधली करार देते हुए आरोप लगाया कि “अगर मुझे जेल नहीं भेजा जाता तो भाजपा झारखंड में खाता भी नहीं खोल पाती।”

सोरेन ने यह भी दावा किया कि उन्होंने जेल से ही चुनाव लड़ा और प्रचार सीमित होने के कारण नतीजों पर असर पड़ा। उन्होंने कहा, “अगर मैं बाहर होता तो परिणाम विधानसभा की तरह अलग होते।”

एजेंसियों के दुरुपयोग पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं को विपक्ष को डराने और परेशान करने के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।

जनता को चेतावनी देते हुए सोरेन बोले, “2014 के बाद से देश में असमानता और कष्ट बढ़े हैं। यह सत्ता पैसों और ताक़त से छीनी गई है। अगर आज हम नहीं जागे तो शायद कभी नहीं जाग पाएंगे।”

प्रवासन पर अपनी सरकार की पहल का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया कि झारखंड में ‘आदिवासी सम्मान’ जैसी योजनाओं ने बड़ी संख्या में लोगों को राज्य से बाहर जाने से रोका है। उन्होंने दलित और आदिवासी समुदायों से एकजुट रहने की अपील की और कहा, “जब हम साथ खड़े होंगे तो कोई ताक़त हमें दबा नहीं सकती।”

आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को उन्होंने निर्णायक बताते हुए कहा, “यह सिर्फ़ चुनाव नहीं बल्कि राष्ट्र को बचाने का संकल्प है। आपकी आवाज़ और आपका साहस इस देश का भविष्य तय करेगा।”

गांधी मैदान से बापू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर शुरू हुई यह यात्रा डाकबंगला चौराहे पर विशाल सभा के साथ समाप्त हुई, जिसने विपक्षी गठबंधन को एकजुटता दिखाने का बड़ा मंच प्रदान किया।


 

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