किम जोंग-उन भड़के— बोले “दोस्त को छोड़ा नहीं तो दुनिया को ब्रेक लग जाएगा”

वॉशिंगटन/प्योंगयांग।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति के मंच पर एक बार फिर हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिए जाने के बाद वैश्विक सत्ता संतुलन डगमगाने लगा है। इस घटनाक्रम ने तब और तूल पकड़ लिया, जब उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन ने अचानक एंट्री लेते हुए अमेरिका को खुली चेतावनी दे डाली।

किम जोंग-उन ने राष्ट्रपति मादुरो को अपना “पुराना दोस्त” बताते हुए कहा कि यदि अमेरिका ने उन्हें तुरंत रिहा नहीं किया, तो इसके परिणाम केवल कूटनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रहेंगे। उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया के ज़रिए जारी संदेश में किम ने संकेत दिए कि यह मामला दुनिया को एक और बड़े युद्ध के मुहाने पर ले जा सकता है।

अपने बयान में किम जोंग-उन ने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों को ताक पर रखने और संप्रभु देशों के आंतरिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसी निर्वाचित राष्ट्रपति की गिरफ्तारी लोकतंत्र की आत्मा और विश्व शांति—दोनों पर सीधा हमला है।

इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक शक्तियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। रूस, चीन और अन्य प्रभावशाली देशों की प्रतिक्रिया को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें टिकी हुई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह टकराव और गहराया, तो इसका असर केवल कूटनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तेल बाजार, वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था भी इसकी चपेट में आ सकती है।

फिलहाल अमेरिका की ओर से किम जोंग-उन की चेतावनी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन इतना तय है कि मादुरो की हिरासत ने विश्व राजनीति में एक नया तनाव अध्याय जोड़ दिया है—जहाँ बयान कम और धमकियों का शोर ज़्यादा सुनाई दे रहा है।

— अमर शर्मा
अंतरराष्ट्रीय संवाददाता

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