महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित नाटक “आख़िर कब तक” की प्रभावशाली प्रस्तुति के साथ नाट्य कार्यशाला का समापन
20 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में युवाओं ने सीखे अभिनय, नृत्य व लोकसंस्कृति के विविध आयाम
रनार्ट फाउंडेशन एवं रेनबो संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 20 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का भव्य समापन किया गया। समापन समारोह में लोकनृत्य, संगीत और रंगमंच की जीवंत प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों ने झिझिया, कजरी, झुमर जैसे पारंपरिक लोक रंगों की सजीव झलक पेश कर स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में अहम भूमिका निभाई।
समापन के अवसर पर मंचित नाटक “आख़िर कब तक” कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। इस नाटक को रणधीर कुमार ने लिखा और निर्देशन किया निशा कुमारी ने। महिला सशक्तिकरण की थीम पर आधारित यह प्रस्तुति सामाजिक अन्याय, लैंगिक भेदभाव और यौन हिंसा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गहरी चोट करती है। नाटक ने यह मर्मस्पर्शी प्रश्न उठाया – “आख़िर महिलाओं के साथ होने वाला अन्याय कब रुकेगा?” प्रस्तुति के दौरान दर्शकों की भावनात्मक प्रतिक्रियाओं ने यह साबित कर दिया कि विषयवस्तु ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया।

कार्यशाला में अभिनय, नृत्य, संगीत और चित्रकला जैसे रचनात्मक माध्यमों में युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अंदर छुपी कला को तराशा और मंच पर अपने हुनर का प्रदर्शन किया।
प्रतिभागियों में श्रेया राज, रिया कुमारी, पंकज कुमार, ईशा कुमारी सोनी, जिया कुमारी, अर्चना कुमारी, अंबुज कुमारी, अनीशा कुमारी, वैष्णवी कुमारी, कोमल कुमारी, शिवम कुमार, गौरव कुमार, पल्लवी कुमारी, सुप्रिया कुमारी, मनिषा सोनी, संजना सिन्हा, प्रिंस कुमार, बिकेश शाह, रवि कुमार गौतम, संजय, ऋषिकेश, सनी और सिद्धार्थ जैसे नाम शामिल रहे।
इस रचनात्मक प्रयास को दिशा देने वाले प्रशिक्षकों में राज कपूर, अजीत कुमार, निशा कुमारी, रणधीर कुमार एवं सुधीर कुमार प्रमुख रूप से शामिल रहे। समापन के अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता बनाए रखने का संकल्प भी लिया गया।

कार्यक्रम का संचालन गौतम गुलाल ने किया, जिन्होंने पूरे आयोजन को ऊर्जावान व सटीक अंदाज में आगे बढ़ाया। दर्शकों एवं सहभागियों ने इस पूरी कार्यशाला को यादगार बताते हुए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।