मुख्यमंत्री ने तेज विकास का रोडमैप किया स्पष्ट
प्रगति यात्रा की 430 योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा, अधिकारियों को समयबद्ध कार्य पूर्ण करने का निर्देश
पटना। राज्य में विकास कार्यों की रफ्तार तेज करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को एक अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में प्रगति यात्रा के दौरान घोषित योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विभाग स्वीकृत परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा कराएं और जमीनी स्तर पर प्रगति सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया कि प्रगति यात्रा के समय कुल 430 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी, जो 22 विभागों से संबंधित हैं। इनमें से 428 योजनाओं को विभागीय स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि जल संसाधन विभाग की दो योजनाएं तकनीकी रूप से अनुपयुक्त पाई गई हैं। अब तक 21 परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं और शेष पर तेजी से काम जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच सभी जिलों में की गई प्रगति यात्रा के दौरान मिले सार्वजनिक फीडबैक के आधार पर इन नई योजनाओं को स्वीकृत किया गया है। लगभग 50 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई ये योजनाएं राज्य के 38 जिलों में विकास को नई दिशा देंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करें और लंबित कार्यों में गति लाएं।
नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार लगातार प्रतिबद्ध है। सभी वर्गों और क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सामूहिक प्रयासों से बिहार देश के पांच अग्रणी विकसित राज्यों में स्थान प्राप्त करेगा।
बैठक में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे।