नगर परिषद की अनदेखी के खिलाफ बेघर महिलाओं का हल्ला बोल
“अब तालाबंदी करेंगे, घर चाहिए जुमला नहीं”— बैठक में लिया बड़ा फैसला
जमालपुर।
नगर परिषद क्षेत्र में दशकों से झुग्गी-झोपड़ियों में जीवन गुजार रही बेघर महिलाओं ने अब अपने हक के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। शुक्रवार को श्री मारवाड़ी धर्मशाला परिसर में “बेघरों को आखिर कब मिलेगा घर?” अभियान के बैनर तले सैकड़ों महिलाओं ने एकजुट होकर जमालपुर नगर परिषद व जिला प्रशासन की निष्क्रियता के खिलाफ गहरी नाराज़गी जताई।
बैठक की अध्यक्षता रामपुर कॉलोनी की बुजुर्ग रेखा देवी ने की, जिन्हें महिलाओं ने सर्वसम्मति से संगठन का अध्यक्ष चुना। साथ ही गीता देवी, इंदु देवी, माला देवी और बॉबी देवी को उपाध्यक्ष बनाया गया। 21 सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन कर आंदोलन को मजबूती देने का निर्णय लिया गया।

बैठक का संचालन कर रहे वार्ड पार्षद व अभियान संयोजक साईं शंकर ने कहा कि, “2015 में प्रधानमंत्री ने 2022 तक सभी बेघरों को पक्का मकान देने का वादा किया था, लेकिन आज तक ये वादा अधूरा है। 2022 में खुद बिहार सरकार के नगर विकास विभाग ने निर्देश जारी किया था कि झुग्गीवासियों को प्राथमिकता देकर बहुमंजिला आवास दिए जाएं, पर नगर परिषद की लापरवाही के चलते योजना कागज़ों तक ही सीमित रह गई है।”
रेखा देवी ने सभा में कहा कि पिछले 40 वर्षों से वह अपने परिवार के साथ सरकारी परती जमीन पर झुग्गी डालकर जीवन काट रही हैं। “हम महिलाएं आज भी रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत ज़रूरतों के लिए जूझ रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बातें अब तो हमारे लिए सपना बन गई हैं।”
सभा में शामिल महिलाओं ने घोषणा की कि यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो नगर परिषद कार्यालय का तालाबंदी किया जाएगा और चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इस अवसर पर कामरेड मुरारी प्रसाद समेत अन्य वक्ताओं ने भी बेघरों की मांगों का समर्थन करते हुए संघर्ष का आह्वान किया। सभा में कौशल्या देवी, आरती देवी, संजू देवी, जुली कुमारी, वंदना देवी, बबीता देवी, सोनम कुमारी, ज्योति कुमारी, शीला देवी, रीता कुमारी, किरण देवी, आशा देवी, शर्मिला कुमारी समेत बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं।
अब महिलाएं निर्णायक आंदोलन की राह पर हैं और उनका कहना है— “हमें पक्का मकान चाहिए, केवल आश्वासन नहीं!”