राजभाषा विवाद ने पकड़ा तूल: थप्पड़कांड के विरोध में निकले MNS कार्यकर्ता गिरफ्तार, राजनीति हुई गर्म

ठाणे | 
महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर विवाद एक बार फिर गरमा गया है। मीरा रोड में ‘थप्पड़कांड’ के विरोध में मंगलवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के कार्यकर्ताओं ने जब विरोध मार्च निकालने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान नाटकीय दृश्य देखने को मिले जब प्रदर्शन कर रहे एमएनएस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर वैन में ठूंसा। एमएनएस के ठाणे-पालघर जिलाध्यक्ष अविनाश जाधव को भी सुबह 3:30 बजे उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।

मामले की शुरुआत रविवार रात मीरा रोड स्थित ‘जोधपुर स्वीट शॉप’ से हुई थी, जहां 48 वर्षीय दुकानदार बाबूलाल चौधरी और उनके कर्मचारी को हिंदी में बात करने पर एमएनएस कार्यकर्ताओं ने थप्पड़ मार दिए। एमएनएस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में मराठी भाषा का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद राज्यभर में बवाल मच गया।

इस विवाद के बीच सवाल उठने लगे हैं कि जहां एक ओर व्यापारियों को थप्पड़कांड के खिलाफ प्रदर्शन की अनुमति दी गई, वहीं एमएनएस को जवाबी मार्च की इजाजत क्यों नहीं मिली। कार्यकर्ताओं ने कहा, “महाराष्ट्र में रहना है तो मराठी सीखनी ही होगी, नहीं तो परिणाम भुगतने होंगे।”

मुख्यमंत्री का पलटवार:
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “महाराष्ट्र में कोई भी रैली निकाल सकता है, बशर्ते पुलिस से अनुमति ली गई हो। एमएनएस नेताओं से रूट बदलने की बात कही गई थी, लेकिन वे अड़े रहे। ऐसे में पुलिस ने कार्रवाई की।”

फडणवीस ने कहा, “मराठी मन विशाल होता है, वह नफरत की राजनीति में विश्वास नहीं करता। इस प्रकार के प्रयोग महाराष्ट्र में नहीं चलेंगे।”

राजनीति में बढ़ी तल्खी:
इस घटनाक्रम के बाद राजनीति और भी तेज हो गई है। लंबे समय बाद एक मंच पर आए उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ‘थप्पड़कांड’ ऐसे समय सामने आया है जब राज्य सरकार के हिंदी को प्राथमिक शिक्षा में अनिवार्य करने के प्रस्ताव को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा था, जिसे बाद में सरकार ने वापस ले लिया।

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “अगर ठाकरे इतने ही बहादुर हैं, तो बिहार, यूपी, तमिलनाडु जाकर दिखाएं। अगर हिंदी भाषियों से इतनी दुश्मनी है, तो अन्य भाषाओं वालों से भी भिड़ें।”

उद्धव ठाकरे का आरोप:
उद्धव ठाकरे ने कहा, “भाजपा हमेशा से ‘बांटो और राज करो’ की राजनीति करती आई है। हमें किसी भाषा से आपत्ति नहीं, लेकिन जबरन थोपी जाएगी तो विरोध होगा। मुंबई में हमारी रैली से भाजपा बौखला गई है, इसलिए भाषा के नाम पर आग भड़काई जा रही है।”

सुरक्षा कड़ी, तनाव बरकरार:
मीरा रोड और भायंदर इलाके में पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क है। इस बीच, भाषा के नाम पर हो रही इस राजनीति ने एक बार फिर महाराष्ट्र में सामाजिक सौहार्द पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


 

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