बिहार बंद  विपक्ष ने चुनाव आयोग को घेरा, कहा – ‘ECI अब बना ग़ुलाम आयोग’
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सड़कों पर उतरा महागठबंधन, 4.5 करोड़ गरीबों के वोट कटने का लगाया आरोप

पटना | 9 जुलाई 2025
बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को महागठबंधन के नेताओं के आह्वान पर आयोजित बिहार बंद के दौरान विपक्ष ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोला। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में चुनाव आयोग को ‘ग़ुलाम आयोग’ (ग़ोदी आयोग) बताकर कटघरे में खड़ा किया गया।

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहमति से राज्य के गरीब, दलित, पिछड़े और अतिपिछड़े वर्ग के करीब 4.5 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की साज़िश रची जा रही है। उन्होंने कहा, “एनडीए हार का सामना कर रही है, इसलिए अब चुनाव आयोग को मोहरा बनाया जा रहा है। यह जनविरोधी षड्यंत्र है।”

राहुल गांधी ने इस दौरान आम जनता से लोकतंत्र को बचाने की अपील की और कहा कि “जब सरकारें जनता की आवाज़ से डरने लगें, तो सड़कों पर उतरना ही सच्चा लोकतंत्र होता है।” उन्होंने इस आंदोलन को गरीबों, मजलूमों और संविधान के हक़ में लड़ाई बताया।

इस बिहार बंद में सीपीआई के महासचिव डी. राजा, भाकपा (माले) के दीपंकर भट्टाचार्य, कांग्रेस के बिहार अध्यक्ष राजेश राम, कन्हैया कुमार, राजद के संजय यादव, और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी शामिल रहे। पप्पू यादव ने सचिवालय हॉल्ट रेलवे स्टेशन पर सरकार और आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की – “चुनाव आयोग होश में आओ!”

डी. राजा ने कहा, “मोदी सरकार सिर्फ अम्बानी-अडानी के लिए नीतियाँ बना रही है, जबकि गरीबों के हक़ पर कुठाराघात हो रहा है।”
कन्हैया कुमार ने जनता को संबोधित करते हुए कहा, “जब सड़कें खामोश हो जाती हैं, तो संसद ग़लत रास्ते पर चल पड़ती है।”

राजद प्रवक्ता संजय यादव ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा, “हम सवाल चुनाव आयोग से कर रहे हैं, लेकिन जवाब बीजेपी दे रही है। ये दर्शाता है कि आयोग अब भाजपा की इकाई बन गया है।”

वहीं चुनाव आयोग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) पूरी पारदर्शिता के साथ चल रहा है। 8 जुलाई तक 14 दिन के भीतर 3.70 करोड़ प्रपत्र एकत्रित किए गए हैं, जो राज्य के कुल 7.90 करोड़ मतदाताओं का लगभग 46.95% है।

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि नाम हटाने के आरोप निराधार हैं और पुनरीक्षण निर्धारित समय सीमा में संपन्न कर लिया जाएगा।


संवाददाता – TWM न्यूज़, पटना

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *