पटना

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विजयादशमी के शुभ अवसर पर 5 देशरत्न मार्ग स्थित अपने आधिकारिक आवास में प्रवेश करने जा रहे हैं। दोपहर 2 बजे होने वाला यह आवास प्रवेश राज्य के राजनीतिक गलियारों में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

यह बंगला लंबे समय से विवादों में घिरा रहा है, खासकर तब जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने आरोप लगाए थे कि पिछली सरकार के दौरान राजद से जुड़े पूर्व निवासियों ने वहां की एसी और सोफे बदलकर पुराने व कम गुणवत्ता वाले सामान लगाए थे। इस पर तत्कालीन उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कानूनी कार्रवाई की धमकी भी दी थी, लेकिन अब ये विवाद शांत हो चुका है और सम्राट चौधरी वहां बसने की तैयारी में हैं।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि सम्राट चौधरी अपने सरकारी आवास को जनता से जुड़ने का एक मंच बनाएंगे। उन्होंने कहा कि यह आवास अब आम लोगों के लिए भी खुला रहेगा, जहां लोग सीधे अपनी समस्याएं और सुझाव उपमुख्यमंत्री तक पहुंचा सकेंगे। यह कदम पिछली सरकार द्वारा आवास को एक लग्जरी स्थान के रूप में इस्तेमाल किए जाने के विपरीत है, जब इसका उपयोग एक सीमित और निजी स्थान के रूप में किया जाता था।

5 देशरत्न मार्ग का यह बंगला पहले भी राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र रहा है। 2015 में जब तेजस्वी यादव पहली बार उपमुख्यमंत्री बने थे, तब इस संपत्ति का व्यापक नवीनीकरण हुआ था, जिसमें करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। इस खर्च पर उस समय के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे सरकारी धन का दुरुपयोग बताया था।

2024 में सत्ता परिवर्तन के बाद तेजस्वी यादव को इस बंगले को खाली करने का नोटिस जारी किया गया, जिसे उन्होंने सात महीने बाद खाली किया। अब सम्राट चौधरी के निवास के साथ यह बंगला फिर से राजनीतिक दृष्टि में आ गया है। यह बदलाव केवल निवास स्थान का नहीं है, बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण का भी प्रतीक है, जहां नए उपमुख्यमंत्री जनता से सीधे संवाद के माध्यम से अपनी कार्यशैली में पारदर्शिता लाने की कोशिश करेंगे।

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