एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की भागीदारी पर चीन का स्वागत, तिआनजिन में होगा ऐतिहासिक जुटान

बीजिंग/नई दिल्ली। चीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी तिआनजिन यात्रा का स्वागत किया है, जहां वे 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। चीनी विदेश मंत्रालय ने इस दौरे को ‘एकजुटता और नए चरण की शुरुआत’ करार दिया है।

यह दौरा सात साल बाद प्रधानमंत्री मोदी की चीन यात्रा होगी, जो इस बात का संकेत है कि सीमा विवाद और कूटनीतिक तनाव के बावजूद भारत बहुपक्षीय क्षेत्रीय मंचों को अहमियत देता है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बीजिंग में नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, “चीन प्रधानमंत्री मोदी का एससीओ तिआनजिन शिखर सम्मेलन में स्वागत करता है। हमें भरोसा है कि सभी सदस्य देशों के प्रयास से यह बैठक दोस्ती, एकजुटता और सकारात्मक परिणामों का प्रतीक बनेगी।”

सूत्रों के अनुसार, तिआनजिन में होने वाला यह सम्मेलन एससीओ के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा होगा, जिसमें 20 से अधिक देशों के नेता और कम से कम 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले 2018 में चीन के वुहान में अनौपचारिक शिखर वार्ता में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी, और 2019 में ममल्लापुरम में भी दोनों नेताओं के बीच बैठक हुई थी। लेकिन 2020 में लद्दाख में हुए सीमा संघर्ष के बाद से द्विपक्षीय संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं।

भारत 2017 से एससीओ का पूर्ण सदस्य है और इस मंच के जरिए सुरक्षा, आर्थिक जुड़ाव और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। तिआनजिन में होने वाली यह बैठक रूस, चीन और मध्य एशियाई देशों समेत कई अहम देशों के साथ भारत के कूटनीतिक संवाद का एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *