वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भीषण भूस्खलन, 33 श्रद्धालुओं की मौत, 23 घायल
लगातार बारिश से जम्मू-कश्मीर में तबाही, बचाव अभियान तेज
कटरा/जम्मू।
जम्मू-कश्मीर में बारिश ने एक बार फिर कहर बरपाया है। माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर बुधवार को हुए भीषण भूस्खलन में 33 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 23 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा अर्धकुंवारी के पास हुआ, जहां भारी बारिश के कारण अचानक पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर श्रद्धालुओं पर गिर पड़ा। प्रशासन को आशंका है कि मलबे में अब भी कई लोग दबे हो सकते हैं।
राहत और बचाव कार्य पूरी रात चला। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को कटरा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
जम्मू में बारिश का रिकॉर्ड टूटा
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को जम्मू में महज छह घंटे के भीतर 22 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस मौसम का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। तेज बारिश से कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। अब तक 3,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
ढांचागत नुकसान, सड़क–रेल सेवाएं ठप
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कई पुल टूट गए, सड़कों पर दरारें आ गईं और बिजली–मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप हो गया। जम्मू और सांबा जिले के 20 से अधिक निचले इलाकों में पानी भर गया है। रेलवे ने सुरक्षा कारणों से जम्मू और कटरा से चलने वाली 22 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि 27 ट्रेनों को बीच रास्ते में ही रोकना पड़ा। हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
स्कूल बंद, परीक्षाएं स्थगित
जम्मू संभाग के सभी सरकारी और निजी स्कूल 27 अगस्त तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। बोर्ड की ओर से कक्षा 10 और 11 की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।
मुख्यमंत्री की चिंता
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लगातार बारिश के कारण संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है और प्रशासन के लिए राहत कार्य चुनौती बन गया है। उन्होंने केंद्र से त्वरित मदद की मांग की है।
आगे भी बरसात का अनुमान
मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में जम्मू, सांबा, उधमपुर और रियासी जिलों में और बारिश हो सकती है। प्रशासन ने सभी यात्रियों और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।