ग्रामीण जल आपूर्ति को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम, केंद्र और बिहार के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर
जल जीवन मिशन 2.0 के तहत दीर्घकालिक स्थिरता और रखरखाव पर रहेगा फोकस
Anirudh Narayan, Intern
पटना/नई दिल्ली:
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार और बिहार सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता जल जीवन मिशन 2.0 के तहत किया गया है, जिसका लक्ष्य ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणाली की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।
इस एमओयू पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS) और बिहार सरकार के बीच सहमति बनी है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने इस पहल को ग्रामीण जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मंत्री ने बताया कि बिहार में जल जीवन मिशन के तहत लगभग 96 प्रतिशत ग्रामीण घरों तक नल के जल की पहुंच सुनिश्चित की जा चुकी है। अब सरकार का मुख्य ध्यान इस व्यवस्था की स्थिरता, संचालन और रखरखाव को बेहतर बनाने पर रहेगा, ताकि हर घर तक नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।
यह समझौता ‘हर घर जल’ योजना के तहत हासिल उपलब्धियों को बनाए रखने और आगे बढ़ाने में सहायक साबित होगा। इसके जरिए न केवल जल आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर भी बेहतर होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के सुधार आधारित समझौते जल स्रोतों की स्थिरता, सामुदायिक भागीदारी और जल प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं, जिससे ग्रामीण भारत में जल संकट को दूर करने में मदद मिल सकती है।