बिहार के सभी सरकारी स्कूलों में अगले साल से कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य, 2-3 स्कूलों पर होगा एक इंस्ट्रक्टर
पटना, 27 सितंबर। बिहार के सभी सरकारी विद्यालयों में अगले वर्ष से कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को दानापुर के बाटागंज स्थित राजकीय मध्य विद्यालय रामजीचक में आयोजित अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने शिक्षा विभाग को इसके लिए आवश्यक योजना तैयार करने का निर्देश दिया है।
2-3 स्कूलों पर एक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर
मुख्यमंत्री के निर्देश के मुताबिक विद्यार्थियों को नियमित कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए दो से तीन सरकारी स्कूलों पर एक इंस्ट्रक्टर की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में आधुनिक तकनीक से जुड़ी शिक्षा को बढ़ावा देना है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक माहौल और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि विद्यार्थी आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
अभिभावकों से मांगे सुझाव
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से स्कूल की पढ़ाई और सुविधाओं में सुधार को लेकर सुझाव भी मांगे। उन्होंने कहा कि अभिभावकों के सुझावों से संबंधित विद्यालयों के साथ-साथ राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
90 फीसदी से अधिक अंक का लक्ष्य रखने की सलाह
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से स्कूल आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने का लक्ष्य तय कर मेहनत करने की सलाह दी। उन्होंने मोबाइल फोन का अनावश्यक इस्तेमाल न करने और जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग पढ़ाई के लिए करने की बात भी कही।
शिक्षा मंत्री ने अभिभावकों से कही ये बात
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर नियमित नजर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल बच्चों को स्कूल भेज देना पर्याप्त नहीं है, अभिभावकों को उनकी पढ़ाई और प्रगति में भी रुचि लेनी चाहिए।