भरत तिवारी एनकाउंटर पर सियासी संग्राम: कांग्रेस बोली “यह मर्डर है”, DSP पर साजिश का आरोप
अखिलेश प्रसाद सिंह ने न्यायिक जांच और 1 करोड़ मुआवजे की मांग की, सरकार ने जांच का भरोसा दिया
अनिरुद्ध नारायण, इंटर्न
पटना: भोजपुर के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में अब सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस एनकाउंटर को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे “हत्या” करार दिया है और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि भरत तिवारी का एनकाउंटर नहीं हुआ, बल्कि उनकी हत्या की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में DSP स्तर पर साजिश रची गई है।
DSP पर साजिश का गंभीर आरोप
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि यह घटना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले की जांच किसी रिटायर्ड जज से नहीं, बल्कि पटना हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से कराई जाए, ताकि निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।
मुआवजा और निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस ने पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की भी मांग उठाई है। विपक्ष का कहना है कि जब तक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं होगी, तब तक न्याय संभव नहीं है।
17 जून की घटना से बढ़ा विवाद
गौरतलब है कि 17 जून को भोजपुर जिले में भरत तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई थी, जिसके बाद से लगातार इस घटना पर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामला और अधिक विवादित हो गया है और पुलिस कार्रवाई पर संदेह गहराया है।
सरकार का पक्ष: जांच जारी
वहीं, बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि मामले की न्यायिक जांच कराई जा रही है और यह भी जांच होगी कि भरत तिवारी के पास हथियार कैसे पहुंचा।
राजनीतिक बयानबाजी से गरमाया माहौल
इस पूरे मामले को लेकर बिहार की राजनीति में उबाल है। विपक्ष लगातार इसे फर्जी एनकाउंटर बता रहा है, जबकि सरकार जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।
ANI – Pic credit