नई आयकर रिटर्न समय-सीमा लागू, अलग-अलग वर्गों के लिए बदली अंतिम तिथियां

अनिरुद्ध नारायण, इंटर्न

नई दिल्ली। आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने को लेकर केंद्र सरकार ने समय-सीमा में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिससे अब अलग-अलग श्रेणी के करदाताओं के लिए अलग-अलग अंतिम तिथियां निर्धारित की गई हैं। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य करदाताओं को अधिक समय देना और प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए वेतनभोगी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों सहित सामान्य करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

वहीं, व्यवसाय या पेशे से जुड़े ऐसे करदाता जिन्हें टैक्स ऑडिट की आवश्यकता नहीं है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 कर दी गई है।

इसके अतिरिक्त, जिन करदाताओं के खातों का ऑडिट आवश्यक है, उनके लिए अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 तय की गई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय लेन-देन या ट्रांसफर प्राइसिंग से जुड़े मामलों में यह समय-सीमा 30 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई है।

यदि कोई करदाता निर्धारित समय-सीमा के भीतर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाता है, तो वह 31 दिसंबर 2026 तक विलंबित (बिलेटेड) रिटर्न दाखिल कर सकता है, हालांकि इसके लिए जुर्माना और ब्याज देना पड़ सकता है।

सरकार ने संशोधित (रिवाइज्ड) रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा में भी राहत दी है। अब करदाता 31 मार्च 2027 तक अपने रिटर्न में सुधार कर सकते हैं, जो पहले की तुलना में अधिक समय प्रदान करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नई समय-सीमा व्यवस्था से करदाताओं को राहत मिलेगी और वे बिना जल्दबाजी के सटीक जानकारी के साथ अपना रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। हालांकि, समय पर रिटर्न दाखिल करना अभी भी आवश्यक है, क्योंकि देरी होने पर आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है।

आयकर विभाग ने करदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपनी आयकर रिटर्न दाखिल करें, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या कानूनी परेशानी से बचा जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *