आख़िर कब तक… रंगमंच पर गूंजा महिला सशक्तिकरण का सवाल

पटना, संवाददाता।
प्रेमचंद रंगशाला में रविवार को रंगमंच समूह रेनबो, रोहतास द्वारा प्रस्तुत नाटक “आख़िर कब तक” ने दर्शकों के दिलों को गहराई तक झकझोर दिया। महिला सशक्तिकरण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर आधारित इस नाटक में समाज में महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार, भेदभाव और यौन हिंसा की घटनाओं को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया।

नाटक की रचना रणधीर कुमार ने की थी जबकि निर्देशन की जिम्मेदारी निशा कुमारी ने निभाई। मंचन के दौरान कलाकारों ने यह सवाल बड़े प्रभावशाली ढंग से उठाया कि महिलाओं के खिलाफ जारी अन्याय और हिंसा को आखिर कब तक सहा जाएगा?

नाटक की भावपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों को गहरी सोच में डाल दिया। प्रस्तुति के बाद उपस्थित दर्शकों ने कहा कि इस तरह की सांस्कृतिक पहल समाज को संवेदनशील बनाने और समान अधिकारों की दिशा में एक सकारात्मक संदेश देती है।

इस नाट्य प्रस्तुति में श्रेया राज, रिया कुमारी, पंकज कुमार, ईशा कुमारी सोनी, जिया कुमारी, अर्चना कुमारी, अंबुज कुमारी, अनीशा कुमारी, वैष्णवी कुमारी, कोमल कुमारी, शिवम कुमार, गैरव कुमार, पल्लवी कुमारी, सुप्रिया कुमारी, मनिषा सोनी, संजना, प्रिंस कुमार, बिकेश शाह और रवि कुमार ने दमदार अभिनय से दर्शकों की तालियां बटोरीं।

प्रेमचंद रंगशाला में हुई इस प्रस्तुति ने यह स्पष्ट किया कि रंगमंच समाज को आईना दिखाने का सबसे सशक्त माध्यम है और यदि समाज को बदलना है तो ऐसे प्रश्नों पर गंभीर बहस और जागरूकता बेहद जरूरी है।


 

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