सीमांचल में AIMIM का दमखम, पांच सीटों पर बढ़त; महुआ में तेज प्रताप चौथे स्थान पर फिसले
पटना।
बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच जहां NDA रुझानों में मजबूती से आगे बढ़ रहा है, वहीं सीमांचल क्षेत्र से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी पांच सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। दूसरी ओर, महुआ सीट से पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव पिछड़कर चौथे स्थान पर खिसक गए हैं।
चुनाव आयोग के ताज़ा रुझानों के मुताबिक AIMIM के उम्मीदवार सीमांचल की कई अहम सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। कोचाधामन में मोहम्मद सरावर आलम, अमौर में अख्तरुल इमान, बaisi में गुलाम सरवर तथा जोकीहाट में मोहम्मद मुर्शिद आलम लगातार आगे चल रहे हैं। ठाकुरगंज में गुलाम हसनैन मामूली अंतर से बढ़त बनाए हुए हैं।
AIMIM ने इस चुनाव में किसी भी गठबंधन का हिस्सा न बनते हुए 29 सीटों पर अपने दम पर मुकाबला किया है, जिनमें से ज्यादातर सीटें सीमांचल से आती हैं।
महुआ में तेज प्रताप की बड़ी गिरावट
महुआ सीट पर मुकाबला दिलचस्प मोड़ ले चुका है। RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप, जिन्हें पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल बनाई, मतगणना के आठवें राउंड तक चौथे स्थान पर रहे। वे लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के संजय कुमार सिंह से 20 हजार से अधिक वोटों से पीछे चल रहे हैं।
संजय कुमार सिंह 26,000 से ज्यादा वोटों के साथ आगे हैं, जबकि RJD के मुकेश कुमार रोशन और AIMIM के अमित कुमार क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
शांतिपूर्ण चुनाव, पर रुझानों में बड़े उलटफेर
इस बार बिहार में न तो मतदान दिवस पर कोई जान गंवानी पड़ी और न ही किसी सीट पर पुनर्मतदान की नौबत आई, जो राज्य के चुनावी इतिहास में दुर्लभ है।
1985 में 63 मौतों, 1990 में 87 मौतों और 2005 में 660 बूथों पर पुनर्मतदान जैसे घटनाक्रमों की पृष्ठभूमि वाले बिहार में इस बार शांतिपूर्ण माहौल रहा।
AIMIM की बढ़त और महुआ में तेज प्रताप की स्थिति ने चुनावी चर्चा को नया आयाम दे दिया है। जैसे-जैसे रुझान स्पष्ट हो रहे हैं, राजनीतिक दलों की निगाहें सीमांचल की सीटों और महुआ के अंतिम नतीजों पर टिक गई हैं।