टीवी-रेडियो के लिए नया नियम लाने की तैयारी: ‘पब्लिक इंटरेस्ट कंटेंट’ होगा अनिवार्य, केंद्र ने जारी किया ड्राफ्ट फ्रेमवर्क

अनिरुद्ध नारायण (इंटर्न)

नई दिल्ली:
केंद्र सरकार ने टीवी और रेडियो प्रसारण सेवाओं के लिए एक नया नियामक ढांचा प्रस्तावित किया है, जिसके तहत ‘जनहित और राष्ट्रीय महत्व’ से जुड़े कार्यक्रमों का प्रसारण अनिवार्य किया जाएगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, यह पहल मीडिया सेक्टर में एक समान और सरल नियम प्रणाली लागू करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

प्रस्तावित टेलीकम्युनिकेशन (टेलीविजन, रेडियो और संबद्ध सेवाएं) नियम, 2026 के तहत टीवी चैनलों को प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तक ‘राष्ट्रीय महत्व और सामाजिक प्रासंगिकता’ वाले कंटेंट का प्रसारण करना होगा। वहीं निजी रेडियो स्टेशनों को हर दिन कम से कम 1 घंटे ऐसे कार्यक्रम प्रसारित करने की बाध्यता होगी।

सरकार के अनुसार, इस कंटेंट में शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं तकनीक, महिला सशक्तिकरण, कमजोर वर्गों का कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय एकता जैसे विषय शामिल होंगे।

यह नया फ्रेमवर्क टीवी और रेडियो के लिए अलग-अलग मौजूद नियमों को एकीकृत कर एक ही “सिंगल रूलबुक” में बदलने का प्रयास है, जिससे प्रसारण उद्योग के लिए नियमों को सरल और पारदर्शी बनाया जा सके।

ड्राफ्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पहले जहां टीवी चैनलों के लिए इस तरह के कंटेंट का प्रसारण वैकल्पिक माना जाता था, अब इसे अनिवार्य बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है। वहीं रेडियो के लिए भी “पब्लिक इंटरेस्ट” कार्यक्रमों की प्रकृति को अधिक स्पष्ट किया गया है।

हालांकि, कुछ श्रेणियों को इस नियम से छूट भी दी जा सकती है, जैसे कि वे चैनल जो केवल विदेशी दर्शकों के लिए प्रसारण करते हैं। साथ ही, सरकार ने इस ड्राफ्ट पर 27 जुलाई तक सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं।

इस प्रस्ताव के लागू होने के बाद भारत में प्रसारण क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जहां मनोरंजन के साथ-साथ जनहित से जुड़े विषयों को भी प्राथमिकता देनी होगी।

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