पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में आएगी तेजी, संवेदकों की भी तय होगी जवाबदेही: सम्राट चौधरी
जलमीनारों पर अब लगेंगे 20 किलोवाट के सोलर पैनल, पंचायत भवनों के निर्माण में ही शामिल होगा सौर ऊर्जा का प्रावधान
पटना। बिहार में पंचायत स्तर पर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ उनके रखरखाव की जिम्मेदारी निर्माण करने वाले संवेदकों को सौंपने का निर्देश दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंचायत सरकार भवनों का निर्माण केवल पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखरेख और बेहतर रखरखाव भी सुनिश्चित होना चाहिए। इसके लिए निर्माण कार्य करने वाले संवेदकों की जवाबदेही निर्धारित की जाए, ताकि भवनों की गुणवत्ता और उपयोगिता बनी रहे।
निर्माण के साथ ही सोलर व्यवस्था का भी प्रावधान
मुख्यमंत्री ने नए पंचायत सरकार भवनों के निर्माण के एस्टीमेट में ही सोलराइजेशन को शामिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए 15वें वित्त आयोग और सप्तम राज्य वित्त आयोग की राशि का भी उपयोग किया जाए, जिससे योजनाओं के लिए समय पर वित्तीय संसाधन उपलब्ध हो सकें।
5 की जगह अब लगेंगे 20 किलोवाट के सोलर पैनल
ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को ऊर्जा के लिहाज से अधिक सक्षम बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने जलमीनारों पर प्रस्तावित पांच किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल की जगह 20 किलोवाट क्षमता के पैनल लगाने का निर्देश दिया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पर होने वाले खर्च को कम करने और पेयजल योजनाओं के संचालन में मदद मिलने की उम्मीद है।
जनप्रतिनिधियों को रोज मिलेगी बिजली आपूर्ति की जानकारी
बैठक में पंचायतों में बिजली आपूर्ति की स्थिति को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने इसके लिए एक विशेष टीम गठित करने को कहा। यह टीम संबंधित पंचायतों में प्रतिदिन बिजली आपूर्ति के कुल घंटों की जानकारी मुखिया, विधायक और सांसद समेत सभी संबंधित जनप्रतिनिधियों के निर्धारित मोबाइल नंबर पर उपलब्ध कराएगी।
बैठक में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार और पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो और पंचायत स्तर पर आम लोगों को बेहतर सरकारी सेवाएं उपलब्ध हो सकें।