80 बिस्किट पैकेट और 25 किलो चावल का किया दान

पटना

उम्मीद संस्था के तहत छात्रों ने कल से 30 घंटे के सामाजिक कार्य परियोजना की शुरुआत की। इस परियोजना का पहला चरण गारिखाना, खगौल स्थित अपना फाउंडेशन में पूरा हुआ। यह कार्यक्रम केवल श्रमदान का नहीं था, बल्कि छात्रों ने वहां मौजूद पशुओं और पर्यावरण से जुड़कर करुणा और देखभाल की नई दृष्टि को समझा।

27 छात्रों की टीम ने इस पहल में उत्साह और समर्पण के साथ भाग लिया। उनके द्वारा बिताया गया कल का दिन सिर्फ एक और दिन नहीं था, बल्कि यह मानवता और संवेदनशीलता को समझने का अनमोल अनुभव था। छात्र न केवल वहां पहुंचे, बल्कि उन्होंने पशुओं से जुड़ने का भी प्रयास किया, जो कि अक्सर उपेक्षित रह जाते हैं।

उम्मीद की इस टीम ने 80 बिस्किट पैकेट और 25 किलो चावल का दान किया, जो अगले 15 दिनों तक शेल्टर में रहने वाले पशुओं के भोजन के लिए पर्याप्त होगा। यह छोटा सा प्रयास छात्रों की करुणा और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

इस परियोजना में आशिष संस्था की संस्थापक और संचालक वर्षा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वर्षा ने अपने अपना फाउंडेशन के माध्यम से अनेक जीव-जंतुओं और पशुओं की देखभाल और स्वास्थ्य समस्याओं को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई है। उनके ये प्रयास आगे भी जारी रहेंगे और इससे पशुओं को बेहतर देखभाल और जीवन जीने का अवसर मिलेगा।

वर्षा और आशीष रंजन ने संस्था की ओर से छात्रों को जानवरों की रक्षा के प्रति जागरूक किया, साथ ही उन्हें रेस्क्यू अभियानों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी दीं, ताकि वे भविष्य में इस क्षेत्र में सक्रिय रूप से योगदान कर सकें।

उम्मीद संस्था के कार्यक्रम प्रबंधक जय सिंह राठौड़ ने छात्रों की प्रशंसा करते हुए कहा, “यह प्रयास न केवल पशुओं के लिए बल्कि समाज में संवेदनशीलता और दयाभाव का संदेश भी है। आशा है कि हम भविष्य में और भी बड़े बदलावों की दिशा में आगे बढ़ते रहेंगे।”

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