आषाढ़ नवरात्र पर देवी भागवत कथा में हयग्रीव अवतार की हुई व्याख्या
गुजरात से पधारे संत कौशिक भाई भट्ट ने किया मां शक्ति की महिमा का बखान
पटना। श्री श्री 108 महामाया शक्तिधाम मंदिर, श्री मारवाड़ी धर्मशाला प्रांगण में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर भक्तिमय वातावरण में मां शक्ति की महिमा का गुणगान किया गया। कथा वाचन के लिए विशेष रूप से गुजरात से पधारे संत कौशिक भाई भट्ट ने देवी के विविध रूपों और उनके चरित्रों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
संत कौशिक भाई भट्ट ने अपने प्रवचन में आषाढ़ नवरात्र की महत्ता को रेखांकित करते हुए बताया कि देवी भागवत कथा के अंतर्गत आज भगवान विष्णु के हयग्रीव अवतार और देवी की कृपा से मधु-कैटभ राक्षसों के वध की कथा सुनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण ब्रह्मांड में जो परम सत्ता है, वही शक्ति मां का स्वरूप है। समस्त सृष्टि उसी शक्ति का चिद्विलास है। इसी क्रम में शुकदेवजी के प्राकट्य की दिव्य कथा भी श्रोताओं को सुनाई गई।

दूसरे दिन की कथा के यजमान माधव व पूजा मसकारा तथा गोपाल व मोना अग्रवाल रहे, जिन्होंने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर आयोजन को दिव्यता प्रदान की। कथा उपरांत महेश जी संघई ने व्यासपीठ पर आरती अर्पित कर देवी-देवताओं से आशीर्वाद प्राप्त किया।
कथा आयोजन की संपूर्ण व्यवस्था मंत्री गिरधर संघई, योगेश अग्रवाल, राजकुमार शर्मा, जयशंकर शर्मा, दिनेश जोशी एवं योगेश अग्रवाल के संयोजन में संपन्न हुई। इस पावन अवसर पर संदीप मेहारिया, रीतेश गर्ग, शेखर जलान, सुनील जलान, पुरुषोत्तम मेहा, राजू मेहारिया, विशाल, अंकित, श्याम शाह, अर्पिता टोला, आशीष शाह सहित महामाया शक्तिधाम मंदिर परिवार के कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्रद्धा, भक्ति और दिव्यता से ओत-प्रोत इस आयोजन में भक्तगण देर रात तक मां की महिमा में लीन रहे।