बिहार SIR विवाद: चिराग पासवान ने किया समर्थन, विपक्ष ने बताया वोटों की चोरी की साजिश
पटना। ब्यूरो रिपोर्ट।
चुनाव की दस्तक से पहले बिहार में मतदाता सूची के विशेष संवीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर सियासत गरमा गई है। एक ओर जहां केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस प्रक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि देश के किसी भी नागरिक के साथ अन्याय नहीं होगा, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने इस कवायद को ‘वोटर लिस्ट से नाम काटने की साजिश’ करार दिया है।
शुक्रवार को पटना में पत्रकारों से बात करते हुए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने साफ किया कि, “किसी भी भारतीय नागरिक के साथ कोई अन्याय नहीं किया जाएगा, लेकिन देश में यदि कोई घुसपैठिया है तो उसे मतदान जैसे सबसे बड़े अधिकार का दुरुपयोग करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया कोई नई नहीं है। “यह देश में पहली बार नहीं हो रहा है। इससे पहले भी चार बार विशेष संवीक्षण हो चुका है और इस बार भी वही प्रक्रिया अपनाई जा रही है,” उन्होंने कहा।
विपक्ष हमलावर, संसद में हंगामा
वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ बताया है। INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में कामकाज स्थगन की नोटिस दी और चर्चा की मांग की। शुक्रवार को राज्यसभा और लोकसभा दोनों में विपक्षी हंगामे के चलते कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। मानसून सत्र की शुरुआत के बाद से लगातार चार दिनों से संसद ठप है।
शत्रुघ्न सिन्हा का BJP पर हमला
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने बिहार में SIR को महाराष्ट्र के कथित वोट लूट की पुनरावृत्ति बताया। उन्होंने कहा, “जिस तरह महाराष्ट्र में वोट की लूट हुई, अब वही बिहार में दोहराने की तैयारी है। सरकार को अपनी हार दिखाई दे रही है और चुनाव आयोग के कुछ अधिकारी इसमें उनकी मदद कर रहे हैं।”
महुआ मोइत्रा का तीखा वार
टीएमसी की ही सांसद महुआ मोइत्रा ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, “देश के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ। एक संवैधानिक संस्था होते हुए भी चुनाव आयोग भाजपा की शाखा की तरह काम कर रहा है। CEC भाजपा प्रवक्ता की तरह बोलते हैं।”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 24 घंटे में वोटर लिस्ट में ‘लापता’ मतदाताओं की संख्या 11,000 से एक लाख से अधिक कैसे हो गई? साथ ही उन्होंने पूछा, “अगर गृह मंत्रालय कह रहा है कि बिहार में 56 लाख अवैध मतदाता हैं, तो ये आए कहां से?”