बिहार कैबिनेट की बड़ी बैठक : आंगनबाड़ी सेविकाओं का मानदेय बढ़ा, राजस्व विभाग में 3300 से ज्यादा नई बहालियां

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में जनहित से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में कुल 25 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे बड़ा फैसला आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि और राजस्व विभाग में बंपर बहाली का रहा।

अब आंगनबाड़ी सेविकाओं को 9,000 रुपये और सहायिकाओं को 4,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। इसके लिए सरकार ने 345 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की है। सरकार का कहना है कि इस कदम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जीवन स्तर में सुधार होगा और उन्हें काम के प्रति और प्रोत्साहन मिलेगा।

राजस्व विभाग में नई भर्ती

राजस्व और भूमि सुधार विभाग में 3,303 अतिरिक्त राजस्व कर्मचारियों के पद सृजित किए गए हैं। माना जा रहा है कि इस कदम से जमीन से जुड़े कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

ग्रामीण विकास को नई रफ्तार

पंचायती राज विभाग को मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के बकाया भुगतान के लिए 594 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही, पटना में जीविका मुख्यालय भवन निर्माण के लिए 73 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

विवाह मंडप और स्ट्रीट लाइट की सौगात

राज्य की सभी 8,053 ग्राम पंचायतों में कन्या विवाह मंडप योजना के तहत विवाह मंडप बनाए जाएंगे। इसके लिए 50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं, ग्रामीण इलाकों में रोशनी और सुरक्षा बढ़ाने के लिए 100 करोड़ रुपये की लागत से सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना को भी मंजूरी मिली है।

पर्यावरण हितैषी शवदाहगृह

नगर विकास एवं आवास विभाग ने पटना, गया, छपरा, सहरसा, भागलपुर और बेगूसराय में एलपीजी आधारित शवदाहगृह की स्थापना की मंजूरी दी है। इसके लिए ईशा फाउंडेशन को 33 वर्षों तक टोकन राशि पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।

इन सभी निर्णयों से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।


 

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