CEC ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम, अभिजीत दीपके ने दी देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
नई दिल्ली, 25 सितंबर 2026: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद के बीच कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। दीपके ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए 48 घंटे का समय देते हुए कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर देशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
‘जंतर-मंतर 2.0’ की चेतावनी
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दीपके ने कहा कि 48 घंटे के भीतर CEC के इस्तीफा नहीं देने पर CJP देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने इसे पहले हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन की तर्ज पर आगे बढ़ाने की बात कही।
मतदाता सूची में बदलाव पर आरोप
CJP ने SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए जाने का दावा किया। संगठन ने चुनाव आयोग की केंद्रीकृत व्यवस्था और मतदाता डेटा तक पहुंच को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में सामने आए आंकड़े ड्राफ्ट सूची से हटाए गए नामों से जुड़े हैं और इससे अपने आप यह साबित नहीं होता कि सभी हटाए गए मतदाता गलत तरीके से हटाए गए थे।
तीन प्रमुख मांगें
CJP ने CEC के इस्तीफे के अलावा ज्ञानेश कुमार और कथित तौर पर उनसे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की। संगठन ने आगामी चुनावों को फिलहाल स्थगित करने, SIR को जनवरी 2025 की मतदाता सूची की स्थिति में वापस लाने और SIR से जुड़े रिकॉर्ड की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग रखी।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
मतदाता सूची और आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर उठे विवाद पर चुनाव आयोग ने कहा है कि किसी संस्था में अलग-अलग राय और लिखित टिप्पणियां निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग के अनुसार पिछले एक वर्ष में लिए गए फैसले, जिसमें SIR भी शामिल है, सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
विवाद ने पकड़ा राजनीतिक तूल
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर विपक्षी दलों ने भी सवाल उठाए हैं। वहीं, भाजपा ने आयोग का बचाव करते हुए विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक अभियान बताया है। ऐसे में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है।