G20 शिखर सम्मेलन: दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के टेक उद्यमियों से मिले प्रधानमंत्री मोदी, निवेश और सांस्कृतिक जुड़ाव पर जोर
जोहान्सबर्ग/गौतेंग।
G20 लीडर्स’ समिट के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के टेक और स्टार्टअप समुदाय के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच संबंधों को मज़बूत करने पर केंद्रित इन मुलाक़ातों में पीएम मोदी ने भारतीय डायस्पोरा को “दो देशों के बीच जीवंत सेतु” बताते हुए उनकी भूमिकाओं की सराहना की।
पीएम मोदी ने जोहान्सबर्ग में भारतीय मूल के तकनीकी उद्यमियों से मुलाकात की और फिनटेक, सोशल मीडिया, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल डिवाइसेज़ और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में उनके कार्यों की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने उन्हें भारत के साथ अपने व्यावसायिक और नवाचार संबंधों को और गहरा करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय ने दक्षिण अफ्रीका में “महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला की विरासत” को युवाओं तक पहुँचाने में सराहनीय काम किया है। साथ ही उन्होंने भारतीय संस्कृति—योग, आयुर्वेद और पारंपरिक कलाओं—को वहाँ की जनता में लोकप्रिय बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
बैठक में उपस्थित उद्यमियों ने भारत की प्रौद्योगिकी, डिजिटल विकास और स्टार्टअप इकोसिस्टम में हुए बदलावों की खुलकर प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने उन्हें लोगों के बीच संवाद और कनेक्टिविटी बढ़ाने के अपने प्रयास जारी रखने को कहा।
नैस्पर्स के शीर्ष अधिकारियों संग चर्चा
इसके अलावा पीएम मोदी ने दक्षिण अफ्रीकी इंटरनेट और टेक दिग्गज नैस्पर्स लिमिटेड के चेयरमैन कूस बेक्कर और CEO फ़ब्रिसियो ब्लोइसी से मुलाक़ात की। इस दौरान भारत के डिजिटल इकोसिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप, स्पेस सेक्टर और उपभोक्ता बाज़ार में निवेश बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल के अनुसार, इन चर्चाओं में निवेश सहयोग को और गहरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “नैस्पर्स की भारत में सफलता यह दर्शाती है कि देश में Ease of Doing Business तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम कितनी तेज़ी से विकसित हो रहा है।”
ऑस्ट्रेलियाई PM से भी वार्ता
दक्षिण अफ्रीका पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने रक्षा-सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स, व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाने पर गंभीर मंथन किया।
‘श्री अन्न’ का विशेष उपहार
चिन्मय मिशन ने प्रधानमंत्री को भारत और दक्षिण अफ्रीका से प्राप्त ‘श्री अन्न’ (मिलेट्स) से भरा कलश भेंट किया, जिसे पीएम मोदी ने “डर्बन स्थित अन्नपूर्णा देवी मंदिर में स्थापित किया जाएगा” कहा।
गौरतलब है कि 2023 में भारत की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकन यूनियन को G20 की स्थायी सदस्यता मिली थी, और इस बार पहली बार अफ्रीका महाद्वीप G20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।