हिमाचल में बादल फटने और बाढ़ का कहर : मंडी में 10 की मौत, 34 लापता
एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें बचाव में जुटीं, राहत शिविरों में पहुंचाए जा रहे लोग

मंडी, हिमाचल प्रदेश।
हिमाचल प्रदेश के मंडी ज़िले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, बादल फटने और अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। सोमवार और मंगलवार को हुई घटनाओं में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 34 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) द्वारा मंगलवार सुबह 8 बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार मंडी के थुनाग, करसोग और गोहर क्षेत्र इस तबाही का मुख्य केंद्र बने हुए हैं।

पिछले 32 घंटों में मंडी जिले में 16 बादल फटने और तीन फ्लैश फ्लड की घटनाएं दर्ज की गई हैं। गोहर उपमंडल के सियांज गांव में दो मकान पानी में बह गए, जहां से अब तक दो शव बरामद हुए हैं और 9 लोग अब भी लापता हैं। वहीं करसोग के कुट्टी बाईपास इलाके में भी बादल फटने से दो लोगों की जान चली गई और दो अन्य लापता हैं। मौके पर पहुंची राहत टीमों ने समय रहते सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

बचाव अभियान तेज, सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला गया
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर जुटी हैं और बचाव अभियान युद्धस्तर पर चल रहा है। पुलिस और प्रशासनिक टीमें प्रभावित गांवों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। हमीरपुर के बल्हा गांव में ब्यास नदी में आई बाढ़ ने कई परिवारों को फंसा दिया था, जिन्हें समय रहते पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें 30 प्रवासी मजदूर और 21 स्थानीय निवासी शामिल हैं।

राहत शिविरों की व्यवस्था, प्रशासन सतर्क
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर, टेंट, कंबल और खाद्य सामग्री की व्यवस्था की है। धर्मपुर के त्रियंबला गांव में 17 परिवारों को घर और मवेशियों के नुकसान के बाद राहत सहायता दी गई है।

राज्य के कई हिस्सों में जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। जुनी खड्ड में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे फिर से बाढ़ की आशंका जताई जा रही है।

मौसम विभाग ने फिर चेताया, लोगों को सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

प्रशासन का दावा – राहत कार्य जारी, हर संभव मदद दी जा रही है
SEOC के अनुसार, “मंडी के सभी प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें सक्रिय रूप से अभियान चला रही हैं और लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।”

हिमाचल प्रदेश एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में है और प्रशासन राहत कार्यों के माध्यम से जान बचाने और नुकसान को कम करने की हरसंभव कोशिश कर रहा है।

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