इंडिगो परिचालन संकट पर सख्त डीजीसीए: सीईओ–सीओओ को बुधवार को तलब किए जाने की तैयारी
समिति 15 दिनों में सौंपेगी रिपोर्ट, नए एफडीटीएल नियमों पर भी होगी गहन जांच
नई दिल्ली: इंडिगो एयरलाइंस में लगातार बढ़ रही परिचालन अव्यवस्थाओं को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जांच की गति तेज कर दी है। मामले की उच्चस्तरीय जांच कर रही चार सदस्यीय समिति बुधवार को इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एल्बर्स और मुख्य परिचालन अधिकारी इसिद्रे पोर्केरास को पूछताछ के लिए बुला सकती है।
डीजीसीए द्वारा गठित समिति में संयुक्त महानिदेशक संजय ब्रह्माने, उप-महानिदेशक अमित गुप्ता, वरिष्ठ फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर कपिल मंग्लिक और एफओआई लोकेश रामपाल शामिल हैं। यह टीम इंडिगो में अचानक उत्पन्न हुए बड़े पैमाने पर उड़ान व्यवधानों के मूल कारणों का पता लगाने और परिचालन ढांचे की बारीकियों की समीक्षा करने का जिम्मा निभा रही है।
मानव संसाधन व रोस्टरिंग सिस्टम की पूरी जांच
समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह एयरलाइन के क्रू प्लानिंग, रोस्टरिंग सिस्टम, और नए चरणबद्ध उड़ान ड्यूटी समय-सीमा (FDTL) नियमों के प्रति इंडिगो की तैयारी का आकलन करे। आरोप है कि नियमों के दूसरे चरण के लागू होने के बाद एयरलाइन पर्याप्त तरीके से तैयार नहीं थी, जिसके चलते हजारों यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
डीजीसीए ने भेजा शो-कॉज नोटिस
इंडिगो द्वारा पिछले शुक्रवार 2,300 में से करीब 1,600 उड़ानें रद्द करने के बाद डीजीसीए ने एयरलाइन प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा था। एयरलाइन ने बताया था कि नई एफडीटीएल व्यवस्था के लागू होने से क्रू उपलब्धता प्रभावित हुई और रोस्टरिंग में खामियां रह गईं।
डीजीसीए ने इसके बाद सीईओ एल्बर्स और सीओओ पोर्केरास को शो-कॉज नोटिस जारी कर सोमवार शाम 6 बजे तक जवाब देने को कहा। उधर, जांच समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है।
नए नियमों पर एयरलाइंस की आपत्ति, कोर्ट के आदेश के बाद लागू
एफडीटीएल के ताज़ा नियमों के तहत साप्ताहिक विश्राम 48 घंटे किया गया है, रात के समय की परिभाषा बढ़ाई गई है और रात में लैंडिंग की सीमा छह से घटाकर दो कर दी गई है। इंडिगो और एयर इंडिया समेत कई घरेलू एयरलाइंस ने इन प्रावधानों पर आपत्ति जताई थी, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया।
हालांकि, इंडिगो को इन नियमों के दूसरे चरण में 10 फरवरी तक अस्थायी राहत दी गई है। एयरलाइंस का कहना है कि नए प्रावधानों के चलते अतिरिक्त क्रू की आवश्यकता बढ़ी है, इसलिए चरणबद्ध कार्यान्वयन जरूरी था।
डीजीसीए की समिति अब यह जांच रही है कि इंडिगो ने इतने बड़े स्तर पर प्रभावित परिचालन की स्थिति में किन स्तरों पर लापरवाही बरती और इसका जिम्मेदार कौन है।