मुठभेड़ में दो शूटर घायल, एक गिरफ्तार, कुल 9 अपराधियों की साजिश आई सामने
एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से हत्या की परतें खुलने लगीं

पटना/भोजपुर। संवाददाता।
पारस अस्पताल में 17 जुलाई को कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा की हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मंगलवार सुबह भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र में एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त मुठभेड़ में दो शूटर गोली लगने से घायल हो गए, जबकि एक अन्य को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। घायल अपराधियों को पुलिस कस्टडी में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ सुबह करीब 5 बजे हुई जब तीन संदिग्धों को देखकर पुलिस ने उन्हें आत्मसमर्पण का आदेश दिया। इसके जवाब में उन्होंने पुलिस पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में गोली लगने से बलवंत कुमार सिंह और रविरंजन कुमार सिंह घायल हो गए। तीसरे आरोपी अभिषेक कुमार को मौके से जिंदा पकड़ा गया।

पुलिस ने मौके से दो पिस्टल, एक देसी कट्टा, दो मैगजीन और चार जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने चंदन मिश्रा की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

इससे पहले रविवार को मामले के मुख्य शूटर तौसीफ बदशाह समेत चार अन्य आरोपियों को कोलकाता पुलिस की मदद से एक गेस्ट हाउस से गिरफ्तार किया गया था। यह गेस्ट हाउस आनंदपुर थाने से महज 280 मीटर की दूरी पर था। चारों को सोमवार को ट्रांजिट रिमांड पर पटना लाया गया। मेडिकल जांच के बाद तीन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि मुख्य आरोपी तौसीफ को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया।

पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि तौसीफ की रिमांड अवधि मंगलवार से शुरू हो चुकी है और उससे पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस हत्या की साजिश तौसीफ ने अपने दिव्यांग कज़िन निशु खान के घर पर रची थी। हत्या के बाद तौसीफ और निशु अपने देखरेख करने वालों के साथ फरार हो गए थे।

पुलिस के अनुसार, तौसीफ और निशु दोनों के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। तौसीफ NDPS एक्ट, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे मामलों में जेल जा चुका है और 2024 में जमानत पर रिहा हुआ था। वहीं, निशु पर रंगदारी और हथियारों से जुड़े मामले दर्ज हैं। उसे 2023 में एक निजी विवाद में गोली भी लगी थी, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी क्षतिग्रस्त हो गई।

मारे गए अपराधी चंदन मिश्रा, जो बक्सर का रहने वाला था, 15 जुलाई को पारस अस्पताल में लैप्रोस्कोपी सर्जरी के लिए भर्ती हुआ था। वह पैरोल पर बाहर था और 18 जुलाई को उसकी पैरोल समाप्त होनी थी। उसके खिलाफ 24 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। चंदन के पिता ने एफआईआर में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तौसीफ बदशाह उर्फ नसीम, बलवंत सिंह और मोनू सिंह की पहचान की थी।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस हत्या की साजिश चंदन के पूर्व साथी और अब दुश्मन बन चुके शेरू सिंह ने रची थी। अब तक की जांच में नौ लोगों की संलिप्तता सामने आ चुकी है। पुलिस की पूछताछ से जल्द ही इस हत्या के पूरे ताने-बाने और साजिश का खुलासा होने की उम्मीद है।

(रिपोर्ट: टीडब्लूएम न्यूज, पटना ब्यूरो)

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