दरभंगा में 22 से 25 अक्टूबर तक आयोजित प्रतियोगिता में मुंगेर टीम का शानदार प्रदर्शन
खेल विभाग की अनदेखी के बावजूद खिलाड़ियों का संघर्ष रंग लाया
खेल को बढ़ावा देने के लिए खिलाड़ियों ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई
दरभंगा में आयोजित एसजीएफआई अंडर-14 सब जूनियर बालक वर्ग खो-खो चैंपियनशिप में मुंगेर की टीम ने इतिहास रचते हुए स्टेट चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। यह पहली बार है जब मुंगेर ने सभी टॉप जिलों को हराकर यह सफलता पाई। इस जीत के साथ मुंगेर जिले का नाम बिहार के खेल इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गया है।
मुंगेर जिला खो-खो संघ के सेक्रेट्री और जनकल्याण शिव शक्ति हरिमोहन फाउंडेशन के फाउंडर हरिमोहन सिंह ने इस जीत पर हर्ष व्यक्त किया और कहा कि “यह खिलाड़ियों के कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।” उन्होंने बताया कि मुंगेर ने पटना, शेखपुरा और मधुबनी को हराते हुए क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया और फिर भागलपुर को हराकर सेमीफाइनल तथा फाइनल में मेजबान दरभंगा को 2 प्वाइंट से हराकर विजेता का खिताब जीता। दरभंगा जिला प्रशासन और खेल विभाग ने विजेता टीम को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
खिलाड़ियों के संघर्ष में खेल विभाग की अनदेखी
हालांकि इस ऐतिहासिक जीत के सफर में खिलाड़ियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। मुंगेर जिला खेल पदाधिकारी के आदेश के बावजूद आदर्श मध्य विद्यालय नौवागढ़ी के स्पोर्ट्स टीचर प्रदीप कुमार टीम के साथ न तो गए और न ही खिलाड़ियों का साथ दिया। बिना प्रभारी के, खिलाड़ियों ने स्वयं अपनी प्रक्रिया पूरी कर दरभंगा में प्रतियोगिता में भाग लिया। मुंगेर खो-खो संघ के सहयोग से उन्हें यह कठिनाई भरा रास्ता पार करना पड़ा। खिलाड़ियों ने खेल पदाधिकारी को इस घटना के विरुद्ध लिखित शिकायत भी दी है, पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। खिलाड़ियों ने दोषी स्पोर्ट्स टीचर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हों।
बधाई और समर्थन की लहर
मुंगेर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जिला खेल पदाधिकारी अभिषेक कुमार, खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया के कार्यकारी सदस्य नीरज कुमार पप्पू, जनकल्याण शिव शक्ति हरिमोहन फाउंडेशन के फाउंडर हरिमोहन सिंह, और अन्य गणमान्य लोगों ने खिलाड़ियों को बधाई दी और उनकी उपलब्धि पर खुशी जाहिर की।