न्यायिक प्रक्रिया में तकनीक से पारदर्शिता बढ़ेगी

पटना (03 जनवरी 2026): तकनीक से न्याय प्रक्रिया में सुगमता और पारदर्शिता — CJI सूर्य कांत ने विचार व्यक्त किए

पटना: न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, सुलभ तथा आम जनता के लिए उपयोगी बनाने में तकनीक एक निर्णायक भूमिका निभा सकती है। यह बात भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने शनिवार को पटना हाईकोर्ट परिसर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान कही।

कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सही तकनीकी हस्ताक्षर से न केवल न्यायिक प्रक्रिया की गति तेज होगी, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज इलाकों के नागरिकों तक न्याय की पहुँच भी बेहतर होगी। उन्होंने डिजिटलाइजेशन और आधुनिक सूचना प्रणाली को न्याय वितरण की महत्वपूर्ण आवश्यकता करार दिया।

पटना हाईकोर्ट में सात नई संरचनाओं की आधारशिला
कार्यक्रम के दौरान न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने हाईकोर्ट परिसर में सात महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाओं की आधारशिला भी रखी। इनमें शामिल हैं:

  • आई-ब्लॉक भवन
  • हॉस्पिटल भवन
  • मल्टीलेवल पार्किंग
  • एडवोकेट जनरल कार्यालय
  • कर्मचारियों के आवास
  • एनेक्सी भवन
  • तथा अन्य आवश्यक सुविधाएँ।
    ये सभी परियोजनाएँ न्यायालय की कार्यक्षमता को बढ़ाने तथा न्याय वितरण को मज़बूत बनाने में मदद करेंगी।

डिजिटल न्याय की ओर कदम
न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने कहा कि तकनीक के माध्यम से दस्तावेजों और जानकारी का डिजिटलाइजेशन होने पर न्यायिक प्रणाली और भी अधिक यूजर-फ्रेंडली होगी, विशेषकर गरीब, वंचित तथा कमजोर वर्ग के लोगों के लिए न्याय की पहुँच बेहतर होगी। उन्होंने डिजिटल विभाजन (डिजिटल डिवाइड) को पाटने पर भी जोर दिया।

इस पहल से यह उम्मीद जताई जा रही है कि बिहार में न्यायिक कार्य प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वसनीयता और अधिक सुनिश्चित होगी, जिससे आम लोगों का विश्वास न्याय व्यवस्था में और बढ़ेगा।

 

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