NCERT को ‘डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी’ का दर्जा मिलने की तैयारी; जनवरी के अंत तक बड़ा निर्णय संभव

नई दिल्ली, 2 जनवरी 2026 — देश के प्रमुख शिक्षा अनुसंधान संगठन नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) को जनवरी 2026 के अंत तक ‘डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी’ (Deemed-to-be-University) का दर्जा मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है, सरकारी सूत्रों ने आज बताया। यह फैसला यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) की अगली बैठक में होने की संभावना है, जिसमें इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जायेगा।

सूत्रों के अनुसार इस बड़े बदलाव के लिए सारी तैयारियाँ लगभग पूरी हो चुकी हैं और अब केवल UGC की मंज़ूरी का इंतज़ार है। एक अधिकारी ने बताया कि जैसे ही UGC बैठक में इस मसले पर चर्चा होगी, तब जनवरी के आख़िर तक इसका औपचारिक ऐलान हो सकता है।

NCERT वर्तमान में विद्यालय शिक्षा के पाठ्यक्रम, शिक्षक प्रशिक्षण, उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षणिक शोध और पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद संस्थान को उच्चतर शिक्षा और अनुसंधान विश्वविद्यालय के रूप में कार्य करने, स्वतंत्र रूप से स्नातक, परास्नातक और डॉक्टरेट डिग्रियाँ प्रदान करने, तथा वैश्विक शैक्षिक नेटवर्क और अनुसंधान सहयोग बढ़ाने जैसे अधिकार मिलेंगे।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 2023 में इस प्रस्ताव की घोषणा करते हुए कहा था कि यह बदलाव NCERT को सिर्फ डिग्रियाँ देने वाला संगठन बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश को स्किल-आधारित और शोध-प्रधान शिक्षा की दिशा में आगे ले जायेगा।

यह निर्णय भारत के उच्च शिक्षा ढाँचे में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि इससे NCERT को अकादमिक स्वतंत्रता मिल सकेगी और वह शिक्षा नीति और अनुसंधान के क्षेत्र में और व्यापक योगदान दे सकेगा।

 

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