संस्कृति के दीप से होगा आत्मिक जागरण: दौलतपुर में संस्कृति ज्ञान महाअभियान 2025 का शुभारंभ
विद्या भारती के सरस्वती विद्या मंदिर में वैदिक मंत्रों के बीच हुआ कार्यक्रम, विद्यार्थियों से लेकर अभिभावकों तक को जोड़ने का लिया गया संकल्प

जमालपुर, 16 जुलाई
भारतीय संस्कृति की आत्मा को पुनः जागृत करने हेतु सरस्वती विद्या मंदिर, दौलतपुर (जमालपुर) में बुधवार को ‘संस्कृति ज्ञान महाअभियान 2025’ का उद्घाटन भव्य रूप से संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्वलन और सांस्कृतिक गीतों के बीच इस आयोजन ने भारतीय जीवन मूल्यों को पुनः केंद्र में लाने का संकल्प लिया।

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष डॉ. बच्चन सिंह ने की, वहीं संरक्षक वीरेंद्र मंडल, सचिव चंद्रशेखर खेतान, कोषाध्यक्ष सुधीर सिंह, समिति की सदस्या शोभा निशू और विद्यालय के प्रधानाचार्य छठु साह मंचासीन रहे। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक रीति-रिवाजों से हुई, जिससे माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया।

विद्यालय के उपप्रधानाचार्य संतोष कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा, “संस्कृति केवल पूजन-पद्धतियों की बात नहीं करती, यह जीवन के प्रत्येक व्यवहार में दिखाई देती है।” वहीं कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए आचार्य संजय कुमार ठाकुर ने इस अभियान को एक वैचारिक यात्रा बताया, जो विद्यार्थियों में आत्मगौरव, सामाजिक चेतना और कर्तव्यबोध का भाव जागृत करेगी।

अपने संबोधन में अध्यक्ष डॉ. बच्चन सिंह ने कहा कि “भारतीय संस्कृति केवल ज्ञान का भंडार नहीं, बल्कि जीवन पथ का मार्गदर्शन करने वाली प्राचीनतम धरोहर है। इसे समझना और आत्मसात करना हम सबका कर्तव्य है।” सचिव चंद्रशेखर खेतान ने अभियान की अवधि (16 से 30 जुलाई) की घोषणा करते हुए अभिभावकों, समाजसेवियों और पूर्व छात्रों से इसमें भागीदारी की अपील की।

प्रधानाचार्य छठु साह ने इसे एक “आत्मिक जागरण का आंदोलन” बताते हुए कहा कि विद्यालय इसे केवल एक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने के यज्ञ के रूप में देखता है। उन्होंने इसे समाज के हर वर्ग को जोड़ने की पहल बताया।

सांस्कृतिक गीत की प्रस्तुति आचार्या मांडवी कुमारी ने दी, जो भारतीय संस्कृति की गरिमा को सजीव रूप में प्रस्तुत करता नजर आया। वहीं आचार्या सीमा सिंह ने उपस्थित छात्र-छात्राओं और स्टाफ को 11,000 लोगों को इस अभियान से जोड़ने का संकल्प दिलाया।

कार्यक्रम का संचालन आचार्या पूनम क्रांति ने प्रभावशाली व भावपूर्ण शैली में किया, जिससे समारोह अनुशासित और भावनात्मक दोनों बना रहा।

इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर, मुंगेरपथ की प्रधानाचार्या किरण कुमारी समेत विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

 

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