‘सोन ऑफ सरदार 2’ : दर्शकों को हंसी से ज्यादा सिरदर्द
अजय देवगन की बहुप्रतीक्षित फिल्म सोन ऑफ सरदार 2 सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है, लेकिन दर्शकों को यह फिल्म हंसी के बजाय मायूसी और सिरदर्द दे रही है। समीक्षकों और दर्शकों का कहना है कि यह सीक्वल न तो कहानी में मजबूती दिखा पाया, न ही कॉमेडी के मामले में उम्मीदों पर खरा उतरा।
फिल्म में अजय देवगन के साथ मृणाल ठाकुर, दीपक डोबरियाल और रवि किशन जैसे कलाकार हैं, लेकिन उनकी मौजूदगी भी फिल्म को बचा नहीं सकी। समीक्षकों का कहना है कि कलाकारों का अभिनय औसत दर्जे का है और पटकथा कमजोर होने के कारण संवाद असर छोड़ने में नाकाम रहे।
फिल्म की कहानी पुरानी पंजाबी फिल्मों की तर्ज पर बनाई गई है, लेकिन प्रस्तुति में ताजगी का अभाव है। गानों का अचानक आना, असंगत दृश्य और बिखरी हुई पटकथा ने दर्शकों का अनुभव और भी फीका कर दिया। कई दर्शकों ने सोशल मीडिया पर व्यंग्य करते हुए लिखा कि “सोन ऑफ सरदार 2 न तो असरदार है, बल्कि ‘सोन ऑफ सरदर्द’ साबित हुई।”
वहीं, फिल्म में कॉमेडी की कमी सबसे ज्यादा खली। समीक्षकों के मुताबिक, यह फिल्म न तो हास्यप्रद है और न ही मनोरंजन से भरपूर, बल्कि यह उन सीक्वल्स की कतार में शामिल हो गई है जिन्हें न तो दर्शक मांग रहे थे और न ही सिनेमाघरों में दोबारा देखना चाहेंगे।
फिल्म को औसतन दो स्टार की रेटिंग मिल रही है। दर्शकों का कहना है कि अजय देवगन को ‘दृश्यम 3’ जैसे सशक्त प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देना चाहिए, बजाय कमजोर सीक्वल बनाने के।