‘स्टॉकर’ के निर्देशक अमन कुमार ने बताया— “यह फिल्म दर्शकों के लिए नई अनुभूति होगी”
टीडब्ल्यूएम न्यूज़ संवाददाता अनिरुद्ध नारायण की विशेष बातचीत
पटना। फिल्मों के प्रति जुनून और अपनी कहानियों को पर्दे पर उतारने की चाह रखने वाले युवा निर्देशक अमन कुमार जल्द ही अपनी नई फिल्म ‘स्टॉकर’ लेकर आ रहे हैं। यह फिल्म फिलहाल पोस्ट-प्रोडक्शन के अंतिम चरण में है और इसी महीने रिलीज़ के लिए तैयार हो रही है। टीडब्ल्यूएम न्यूज़ से विशेष बातचीत में उन्होंने अपने फिल्मी सफर, निर्देशन की प्रक्रिया और ‘स्टॉकर’ के निर्माण से जुड़े अनुभव साझा किए।
फिल्मों के प्रति जुनून और निर्देशन की ओर बढ़ता कदम
अमन कुमार ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि फिल्मों के प्रति उनका रुझान बचपन से ही था। उनके पिता avid मूवी वॉचर थे, जिनकी वजह से उनका झुकाव फिल्मों की दुनिया की ओर हुआ। दिलचस्प बात यह है कि बचपन में जब उन्हें फिल्में देखने की अनुमति नहीं थी, तो वे चोरी-छिपे डीवीडी और पेनड्राइव में फिल्में देखकर सिनेमा की बारीकियों को समझते रहे। लेकिन अब, अपने पेशे के कारण उन्हें हर तरह की फिल्में देखनी पड़ती हैं।

उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई लिटेरा वैली स्कूल से की और आगे की पढ़ाई के लिए सेंट ज़ेवियर कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में मास कम्युनिकेशन को बतौर मुख्य विषय चुना। कॉलेज के दौरान ही उन्हें फिल्मों के निर्माण में गहरी दिलचस्पी हुई और वे सिर्फ फिल्में देखने के बजाय उन्हें बनाने की दिशा में आगे बढ़े।
लॉकडाउन में बनीं दो शॉर्ट फिल्में, एक को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
कॉलेज के दौरान उनकी मुलाकात उनके सीनियर शिवांशु सिंह सत्य से हुई, जो खुद भी फिल्म निर्माण में रुचि रखते थे। दोनों ने मिलकर कई कहानियों पर चर्चा की और लॉकडाउन के दौरान ‘कैपुचिनो’ और ‘द एपिलॉग्स’ नाम की दो शॉर्ट फिल्में बनाईं।
अमन कुमार ने इन फिल्मों की पटकथा लिखी, जबकि ‘द एपिलॉग्स’ का निर्देशन भी उन्होंने किया। खास बात यह थी कि ये दोनों शॉर्ट फिल्में बिना किसी बजट के बनी थीं, लेकिन ‘कैपुचिनो’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली और इसे कालिदास रंगालय में स्क्रीनिंग के लिए चुना गया।
फिल्म पत्रकारिता से निर्देशन तक का सफर
अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अमन कुमार ने मेंसएक्सपी में फिल्म पत्रकार के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने कई फिल्मों की समीक्षा की, ट्रेंडिंग विषयों को कवर किया और बॉलीवुड के नामी सितारों का साक्षात्कार लिया। उन्होंने पंकज त्रिपाठी, मनोज बाजपेयी, आयुष्मान खुराना सहित कई बड़े अभिनेताओं से बातचीत की।
हालांकि, दो साल बाद निजी कारणों से उन्हें पटना लौटना पड़ा, लेकिन यह वापसी उनके लिए नए अवसर भी लेकर आई। उन्होंने अपने पुराने सहयोगियों के साथ मिलकर ‘स्टॉकर’ की पटकथा लिखी और इसका निर्देशन किया।
“स्टॉकर दर्शकों के लिए एक नई अनुभूति होगी”
उड़ता बिहारी प्रोडक्शन हाउस के तले फिल्म, शिवांशु सिंह सत्य और निहाल कुमार दत्ता का संयुक्त निर्माण
अपनी आगामी फिल्म ‘स्टॉकर’ के बारे में बात करते हुए अमन कुमार ने कहा,
“यह फिल्म थ्रिल और सस्पेंस से भरपूर है, जिसमें एक अनोखी कहानी दर्शकों को देखने को मिलेगी। हमने इसे बनाने में हर संभव प्रयास किया है कि दर्शकों को एक नई और ताज़ा सिनेमाई अनुभूति मिले। फिल्म का पोस्ट-प्रोडक्शन लगभग पूरा हो चुका है और हम इसे इस महीने के अंत तक रिलीज़ करने की योजना बना रहे हैं।”
उनका मानना है कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को एक नई दृष्टि देने का जरिया भी है। ‘स्टॉकर’ उनके लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसी कहानी है, जिसे वे लंबे समय से दर्शकों तक पहुंचाना चाहते थे।
नए निर्देशकों के लिए सलाह
अमन कुमार का मानना है कि फिल्म निर्माण के क्षेत्र में आने वाले नए लोगों को अपनी कहानियों पर भरोसा रखना चाहिए और संसाधनों की कमी को बाधा नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने कहा,
“हमारी दोनों शॉर्ट फिल्में बिना किसी बड़े बजट के बनी थीं, लेकिन हमें अपनी कहानी पर विश्वास था। अगर आपमें जुनून है, तो आप किसी भी परिस्थिति में अच्छा कंटेंट बना सकते हैं।”
फिल्म के प्रति उम्मीदें और भविष्य की योजनाएं
‘स्टॉकर’ की रिलीज़ के बाद अमन कुमार कुछ और दिलचस्प प्रोजेक्ट्स पर काम करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी अगली फिल्म भी एक दिलचस्प विषय पर आधारित होगी, जिसकी आधिकारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी।
फिलहाल, दर्शकों को उनकी फिल्म ‘स्टॉकर’ का इंतजार है, जो जल्द ही पर्दे पर अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार है।
न्यूज़ संवाददाता अनिरुद्ध नारायण