41 प्रस्तावों पर लगी मुहर, कृषि विभाग में 694 पदों पर बहाली का निर्णय
पटना, 13 जनवरी (विशेष समाचार) — मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को बिहार कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें **राज्य के विकास, रोजगार सृजन और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कुल 41 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिनका सीधा प्रभाव राज्य के नागरिकों और बेरोज़गार युवाओं पर पड़ेगा।
मुख्य निर्णय — रोजगार व निवेश पर जोर
बैठक में रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचा विकास को प्राथमिकता दी गई है। इस क्रम में रिक्त पदों को शीघ्र भरने और निजी निवेश आकर्षित करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया है, जिससे बड़ी संख्या में नौकरियों का सृजन होगा।
बिजली व उद्योग परियोजनाएँ
- पटना में विद्युत आपूर्ति के लिए ₹653 करोड़ का अंडरग्राउंड केबलिंग प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया है जिससे बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित होगी।
- गया में 220 kV DC ट्रांसमिशन लाइन को मंजूरी दी गई, जो औद्योगिक वृद्धि को मजबूत करेगा।
शिक्षा, कृषि व तकनीकी शिक्षा
- शिक्षा क्षेत्र में ₹148.55 करोड़ स्वीकृत कर 789 सरकारी माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को आधुनिक शिक्षण सुविधाएँ प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
- कृषि विभाग में 694 नए पदों की सृजन व पुनर्गठन को मंजूरी दी गई है जिससे कृषि गतिविधियों को और उन्नत किया जाएगा।
बीहार भवन और कल्याण योजनाएँ
- मुंबई में बिहार भवन के निर्माण के लिए ₹31.42 करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है, जिसका उद्देश्य महाराष्ट्र में रहने वाले बिहार निवासियों तथा अधिकारियों को सुविधा प्रदान करना है।
-ं कृषक विपणन मौसमों के लिए राज्य द्वारा ₹7,000 करोड़ का ऋण गारंटी समर्थन देने का निर्णय भी लिया गया है। - वकीलों के कल्याण व तकनीकी शिक्षा से जुड़ी कई योजनाओं को भी स्वीकृति दी गई है।
सरकारी सुधार और प्रशासनिक फैसले
बैठक में बिहार कार्यकारी नियम 2025 में संशोधन सहित कई प्रशासनिक सुधार भी मंजूर किए गए, जिससे सरकारी सेवाओं में सुगमता और पारदर्शिता बढ़ेगी।
इस बैठक को राज्य सरकार की नई नीतियों तथा 2026 के लिए विकास कार्यों के दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है। कई योजनाओं पर अब आगे कार्य शुरू हो जाएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक कल्याण में वृद्धि होने की उम्मीद है।