बिहार चुनाव 2025 : तेज प्रताप का नया मोर्चा, छह दलों के साथ बनाया ‘बिहार गठबंधन’
पटना, संवाददाता।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में एक बार फिर बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। आरजेडी से बेदखल चल रहे लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने शुक्रवार को नया राजनीतिक मोर्चा खड़ा कर दिया। उन्होंने छह छोटे दलों को साथ लेकर ‘बिहार गठबंधन’ नामक नया फ्रंट बनाने की घोषणा की।
तेज प्रताप ने कहा कि यह गठबंधन बेरोजगारी, पलायन और ग्रामीण संकट जैसे ज्वलंत मुद्दों को अपना चुनावी एजेंडा बनाएगा। उनका दावा है कि यह गठबंधन “जनता की आवाज़” बनेगा और जमीनी स्तर पर व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष करेगा।
छह दलों का समर्थन
‘बिहार गठबंधन’ में अब तक विकासशील वंचित इंसान पार्टी, भोजपुरिया जन मोर्चा, प्रगतिशील जनता पार्टी, वाजिब अधिकार पार्टी, संयुक्त किसान विकास पार्टी और राष्ट्रवादी जन लोक पार्टी (सत्य) शामिल हो चुके हैं। राष्ट्रवादी जन लोक पार्टी (सत्य) के अध्यक्ष सत्यपाल सिंह सिसोदिया ने तेज प्रताप के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि यह नया गठबंधन बिहार की राजनीति में नई दिशा देने का काम करेगा।
“धरातल पर लड़ाई” का दावा
गठबंधन की घोषणा के बाद तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा, “कुछ लोग हेलीकॉप्टर से चुनावी राजनीति करते हैं, लेकिन मैं धरातल पर रहकर जनता की लड़ाई लड़ूंगा। यह संघर्ष बदलाव और नई शुरुआत का संकेत है।” उन्होंने इशारों-इशारों में अपने भाई तेजस्वी यादव पर भी कटाक्ष किया और स्पष्ट कर दिया कि अब उनकी राह अलग है।
नजर युवा और ग्रामीण वोट बैंक पर
तेज प्रताप यादव महुआ सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। उनका गठबंधन यादव, मुस्लिम, निषाद और पिछड़े वर्गों के वोट बैंक को साधने की रणनीति बना रहा है। तेज प्रताप का कहना है कि बिहार में हर दिन हजारों युवा रोजगार के लिए बाहर पलायन कर रहे हैं और राज्य लगातार बाढ़ व सुखाड़ जैसी आपदाओं से जूझ रहा है। “हमारी लड़ाई बिहार के भविष्य को बचाने की है,” उन्होंने कहा।
अब देखना यह होगा कि छोटे दलों की इस एकजुटता और तेज प्रताप की नई राजनीतिक छवि से बिहार चुनावी समीकरणों पर कितना असर पड़ता है।