दूषित पानी ने ली 10 जानें, सैंकड़ों अस्पताल में भर्ती
भागीरथपुरा में स्वास्थ्य संकट गहरा, जांच के आदेश
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में भारी पानी प्रदूषण से अब तक 10 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 2000 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं, अधिकारियों ने बुधवार को बताया। मृतकों में एक छह महीने के शिशु और कई महिलाएं शामिल हैं, जबकि प्रशासन ने संदूषित पानी के संपर्क में आए हजारों लोगों को स्क्रीन किया है।
इस स्वास्थ्य आपदा के बाद PHE विभाग के एक सब-इंजीनियर को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है और दो अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। सरकार ने मामले की त्वरित जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है।
प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि पीने के पानी की सप्लाई लाइन में किसी प्रकार का रिसाव हुआ था, जिससे दूषित नल का पानी स्वास्थ्य के लिए ख़तरनाक बन गया। पीने के पानी की जांच और उसके स्रोत का पता लगाने के लिए जल गुणवत्ता परीक्षण चल रहा है।
जिला प्रशासन ने बताया कि लगभग 2700 घरों का सर्वे किया गया है और स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा घर-घर जाकर ORS पैकेट व प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। इसके अलावा सभी प्रभावित लोगों को अस्पतालों में मुफ़्त उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री यादव ने मृतकों के परिजनों को प्रत्येक को ₹2 लाख का मुआवज़ा देने की घोषणा की है तथा सभी रोगियों के लिए मुफ्त इलाज का निर्देश भी जारी किया है। प्रशासन जनता से अपील कर रहा है कि वे दूषित पानी का उपयोग न करें और किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाएं।