करूर में विजय की रैली में भगदड़, 31 की मौत; सैकड़ों घायल

20 बच्चों समेत बड़ी संख्या में लोग दबकर मरे, अस्पतालों में हाहाकार

करूर (तमिलनाडु), शनिवार। अभिनेता और तमिळगा वेत्त्रि कझगम (टीवीके) अध्यक्ष विजय की चुनावी रैली में शनिवार को भारी भीड़ के बीच मची भगदड़ ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। इस भीषण दुर्घटना में अब तक 31 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 20 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। सैकड़ों लोग घायल हैं और अस्पतालों में जगह कम पड़ गई है।

करीब 30 हज़ार से अधिक लोग विजय की जनसभा में मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विजय के देर से पहुंचने के कारण भीड़ बेकाबू होती गई और मंच के सामने धक्का-मुक्की शुरू हो गई। अचानक कई लोग गिर पड़े और दम घुटने से बेहोश होने लगे। स्थिति बिगड़ने पर विजय ने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया।

अस्पतालों में हज़ार से अधिक घायल

करूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि अब तक 500 से अधिक घायलों का इलाज चल रहा है, जबकि करीब 400 और लोग एंबुलेंस से लगातार लाए जा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। आसपास के निजी अस्पतालों में भी मरीजों की लंबी कतार लगी हुई है।

मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ने जताया शोक

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने हादसे पर गहरी चिंता जताई और करूर के जिला प्रशासन को राहत व बचाव कार्यों की सीधी निगरानी करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि घायलों को तत्काल और बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति शोक जताया।

हाई कोर्ट पहले ही जता चुका था आशंका

गौरतलब है कि विजय की पिछली रैली में भी अव्यवस्था को लेकर मद्रास हाई कोर्ट ने गंभीर टिप्पणी की थी। अदालत ने 13 सितंबर को कहा था कि “अगर कोई अनहोनी हो जाती है तो इसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा?” इसके बाद टीवीके ने 20 सितंबर को अपने समर्थकों के लिए कड़े दिशानिर्देश जारी किए थे, जिनमें गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को रैलियों से दूर रहने की सलाह दी गई थी।

भीड़ प्रबंधन पर उठ रहे सवाल

करूर हादसे ने एक बार फिर राजनीतिक रैलियों में भीड़ प्रबंधन की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम न होने और अनुशासनहीन भीड़ के कारण यह त्रासदी घटी, जिसकी कीमत मासूम बच्चों समेत कई लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *