मतदाता पुनरीक्षण के खिलाफ सड़क पर उतरेगी सपा, चुनाव आयोग पर लगाया साजिश का आरोप
पप्पू यादव बोले – लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश, आम आदमी को वोट से वंचित करने की साजिश रच रहा आयोग
जमालपुर/मुंगेर, 4 जुलाई।
विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण 2025 को लेकर समाजवादी पार्टी ने विरोध का बिगुल फूंक दिया है। शुक्रवार को सपा जिला अध्यक्ष पप्पू यादव की अध्यक्षता में बेलन बाजार स्थित अस्थायी जिला कार्यालय में आयोजित बैठक में पार्टी नेताओं ने इसे आम मतदाता के अधिकारों पर सीधा हमला करार देते हुए व्यापक आंदोलन का एलान किया।

सपा नेताओं ने चुनाव आयोग पर भाजपा और जदयू के साथ मिलकर लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। पप्पू यादव ने कहा कि यह पुनरीक्षण अभियान मतदाताओं को मतदान सूची से बाहर करने की योजना का हिस्सा है, जिससे बिहार विधानसभा चुनावों में एक बड़ा वर्ग वोट देने से वंचित रह जाए।
20 से 30 प्रतिशत वोटरों को सूची से हटाने की चाल
पप्पू यादव ने कहा कि आयोग जानबूझकर ऐसे अभियान चला रहा है, जिससे दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और शोषित वर्ग के 20 से 30 प्रतिशत मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जनता समय रहते नहीं जागी, तो उसे उसके सबसे बड़े लोकतांत्रिक अधिकार — मताधिकार — से हाथ धोना पड़ेगा।
सड़क पर उतरेगा समाजवादियों का आंदोलन
बैठक में मौजूद लोहिया वाहिनी के प्रदेश महासचिव रविकांत झा और सपा नेता मिथलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग केंद्र व राज्य सरकार के दबाव में कार्य कर रहा है। यह मतदाता पुनरीक्षण नहीं, बल्कि मतदाता बहिष्करण अभियान है, जो संविधान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सपा इसका हर स्तर पर विरोध करेगी और आम जन को जागरूक करने के लिए सड़क से सदन तक आंदोलन चलाया जाएगा।
रविवार से आंदोलन का एलान
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि रविवार से समाजवादी कार्यकर्ता जिलेभर में आंदोलन की शुरुआत करेंगे। इस आंदोलन के माध्यम से जनजागरण और प्रतिरोध दोनों किए जाएंगे।
बैठक में सपा नगर अध्यक्ष मोहम्मद आजम, जमालपुर नगर अध्यक्ष अमर शक्ति, मीडिया प्रभारी मनोज क्रांति, वरिष्ठ नेता छडपन मंडल, गोपाल वर्मा, सुबोध कुमार शर्मा, मथुरी यादव समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।